घाटे से उबरी बिजली कंपनियां गांव-देहात में खोलेगी स्मार्ट लाइब्रेरी
प्रदेश में खुलेंगीं 25 स्मार्ट लाइब्रेरी, प्रत्येक पर 5-5 लाख होंगे खर्च
बरसों बाद फायदें में पहुंची हरियाणा की बिजली कंपनियां
चंडीगढ़, 21 दिसंबर।
हरियाणा की बिजली कंपनियों ने अपने लाभ को अब जन कल्याण के कार्यों में खर्च करने का निर्णय लिया है। बिजली कंपनियों की ओर से प्रदेश के गांव-देहात में स्मार्ट पुस्तकालय (लाइब्रेरी) खोली जाएंगी। मुख्यमंत्री मनोहर लाल के विधानसभा क्षेत्र करनाल के गांव काछवा से इसकी शुरुआत हो चुकी है। अगले वित्तीय वर्ष की समाप्ति तक प्रदेश भर में 25 स्मार्ट लाइब्रेरी खोली जाएंगी। प्रत्येक लाइब्रेरी के निर्माण पर कम से काम पांच लाख रुपये खर्च होंगे। लाइब्रेरियन के पद पर गांव के ही किसी जरूरतमंत लड़के या लड़की को नियुक्त किया जाएगा। इस पार्ट टाइम नियुक्ति के लिए सरपंच की राय जरूरी रहेगी।
हरियाणा की बिजली कंपनियां कारपोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) फंड से इन लाइब्रेरी की स्थापना करेंगी। सीएसआर फंड के तहत प्रावधान है कि कंपनियां अपने कुल लाभ का दो फीसद सामाजिक कार्यों पर खर्च कर सकती हैं। बिजली निगमों के चेयरमैन शत्रुजीत कपूर के प्रस्ताव पर मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने मुहर लगा दी है। इन सभी पुस्तकालयों को सरदार पटेल पुस्तकाल नाम दिया गया है। अगली लाइब्रेरी पूंडरी हलके के गांव बराना, कुरुक्षेत्र के दयालपुरा और ज्योतिसर में खुलेंगी। इन लाइब्रेरी में पुस्तकों के अलावा डिजिटल पुस्तकें, पांच-पांच कंप्यूटर और ई-पुस्तकों के अलावा प्रतियोगी किताबों की व्यवस्था की गई है। उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम के एमडी शशांक आनंद और दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम के एमडी बलकार सिंह इस पूरे प्रोजेक्ट की देखरेख कर रहे हैं। कार्डिनेशन की जिम्मेदारी राजीव रंजन को दी गई है।
पुलिस विभाग से डेपुटेशन पर आए राजीव रंजन को लाइब्रेरी की स्थापना का अच्छा अनुभव है। करनाल पुस्तकालय उनकी देखरेख में तत्कालीन डीजीपी, एडीजीपी और एसपी की देखरेख में पल्लवित हुआ है। बिजली निगमों के चेयरमैन शत्रुजीत कपूर के अनुसार गांव देहात में सरकारी जमीन पर इन लाइब्रेरी की स्थापना की योजना है। जिस भी गांव में सरकार की कोई बिल्डिंग या जगह खाली है और उसका कोई इस्तेमाल नहीं किया जा रहा है, उसे चिन्हित कर प्रस्ताव तैयार किया जाता है। जरूरत पडऩे पर संबंधित विभाग के साथ एमओयू होगा। तब वहां लाइब्रेरी की स्थापना की जा सकेगी।
उन्होंने बताया कि बरसों बाद राज्य की बिजली कंपनियां लाभ में आई हैं। बिजली कंपनियों पर पहले करीब 35 हजार करोड़ रुपये का कर्ज था। हरियाणा सरकार ने उसका 75 फीसद यानी करीब 26 हजार करोड़ रुपये टेक ओवर कर लिया। इसका फायदा यह हुआ कि कर्ज के ब्याज के रूप में ही करीब एक हजार करोड़ रुपये बिजली कंपनियों के बचे हैं। बिजली कंपनियां अब फायदे में पहुंच चुकी हैं। कृषि क्षेत्र की सब्सिडी देने के बावजूद राज्य की बिजली कंपनियां 500 करोड़ रुपये से ज्यादा लाभ की स्थिति में हैं।
हरियाणा के बिजली मंत्री रणजीत चौटाला के अनुसार उनके विभाग में कई सुधारात्मक काम हुए हैं। बिजली की चोरी रुकी। लाइन लास घटकर 15 प्रतिशत पर आ गया है। लोगों ने बिल भरने शुरू कर दिए हैं। अब बिजली की चोरी कुछ खास क्षेत्रों में हो रही है। उसे रोकने के लिए विभाग ने कार्य योजना बनाई है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल की देखरेख में यदि बिजली कंपनियां अपने लाभ के पैसे को बच्चों के लिए लाइब्रेरी खोलने पर खर्च करते हैं तो यह बेहतरीन कार्य है। इसे अनवरत जारी रखा जाएगा।