मोती लाल वोरा का रहा है हरियाणा से खास राजनीतिक कनेेक्शन
-एजेएल प्लाट आवंटन मामले में मुख्य आरोपित रहे वोरा
-ईडी द्वारा दर्ज किए गए मनी लांड्रिंग केस में पूर्व सीएम भूपेंद्र हुड्डा भी है शामिल
चंडीगढ़, 21 दिसंबर। कांग्रेस के दिग्गज नेता मोतीलाल वोरा का सोमवार को निधन हो गया है। मोती लाल वोरा का हरियाणा से खास राजनीतिक कनेेक्शन था। वोरा नेशनल हेराल्ड समाचार पत्र की प्रकाशक कंपनी एसोसिएट जर्नल लिमिटेड (एजेएल) के चेयरमैन थे और वे एजेएल प्लाट आवंटन मामले में मुख्य आरोपित रहे है। पूर्व मुख्यमंत्री भजनलाल के कार्यकाल में एजेएल को पंचकूला में प्लाट आवंटित हुआ था, लेकिन तकनीकी व आर्थिक कारणों से रिज्यूम हो गया था। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा की सरकार ने अपने कार्यकाल में एजेएल को यह प्लाट नियम व शर्तें पूरी करने के दावे के साथ दोबारा से अलाट किया था।
पंचकूला में एजेएल को अलाट इस प्लाट के मामले में मोती लाल वोरा काफी चर्चा में रहे। मोतीलाल वोरा ने इसी मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) पर मानसिक तौर पर प्रताडि़त करने के गंभीर आरोप लगाए थे। ईडी के खिलाफ उन्होंने पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट में याचिका भी दायर की थी। याचिका में मोतीलाल वोरा की तरफ से प्रवर्तन निदेशालय पर आरोप लगाया गया कि मामला पंचकूला में सेक्टर 6 स्थित प्लाट नंबर सी 17 को री-अलाट करने का है। मगर मामले में मनी लांड्रिंग का आपराधिक केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है, जो कि गलत है। प्लाट सरकार ने री-अलाट किया है, ऐसे में उनका क्या अपराध है। इस मामले में मोतीलाल वोरा व एजेएल के कर्मचारियों को मानसिक तौर पर तंग कर रहा है। कोर्ट को बताया गया था कि 15 जुलाई 2016 को हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा, नेशनल हेराल्ड समाचार पत्र के प्रकाशक एजेएल के अधिकारियों एवं अन्य के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।
केंद्रीय जांच एजेंसी ने हरियाणा राज्य सतर्कता ब्यूरो की एक प्राथमिकी का संज्ञान लेने के बाद धनशोधन रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए) के प्रावधानों के तहत आपराधिक केस दर्ज किया था, जबकि यह केवल प्लाट की री-अलाटमेंट का मामला है। मोती लाल वोरा का आरोप था कि इस कार्रवाई को राजनीतिक बदले की भावना से अंजाम दिया गया था। इसलिए इस पर रोक लगाई लगाई जाए। इसी साल 18 फरवरी को मोतीलाल वोरा ने हाई कोर्ट से अपनी यह याचिका वापस ले ली थी। अब नियम यह है कि जब वोरा नहीं रहे तो उनका नाम केस से स्वाभाविक रूप से अलग हो सकता है।