हरियाणा में गेहूं व सरसों की खरीद को लेकर सरकार ने तैयारियां की शुरू
मंडियों में खरीद को लेकर साल के अंतिम दिनों में जारी होगी अधिसूचना
चंडीगढ़, 20 दिसम्बर । कृषि कानूनों को लेकर केंद्र सरकार व किसानों के बीच गतिरोध कम नहीं हो रहा है। लिहाजा हरियाणा में प्रदेश सरकार ने समर्थन मूल्य पर फसल खरीद न होने की अटकलों पर विराम लगाते हुए आगामी रबी सीजन में फसल खरीद की तैयारियां शुरू कर दी हैं। प्रदेश में इस बार भी पहले की तरह गेहूं व सरसों की खरीद मंडियों के जरिये की जाएगी। साल के अंतिम दिनों में मंडियों में खरीद की अधिसूचना सरकार की ओर से जारी कर दी जाएगी।
मंडियों में सुचारू रूप से फसल खरीद को लेकर मुख्यमंत्री मनोहर लाल व उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री की ओर से अधिकारियों को निर्देश जारी किए गए हैं कि मंडियों में फसल खरीद की अधिसूचना जारी करने में देरी न की जाए। इससे किसानों की आशंका का समाधान होगा। जनवरी के पहले सप्ताह से फसल बेचने के लिए मेरी फसल-मेरा ब्यौरा वेबपोर्टल पर रजिस्ट्रेशन कराया जा सकेगा। प्रदेश सरकार की योजना 40 दिनों के भीतर 80 लाख मीट्रिक टन गेहूं व सरसों खरीदने की है। इस बार 64 लाख मीट्रिक टन धान की खरीद का लक्ष्य निर्धारित किया गया था, लेकिन 55.5 लाख मीट्रिक टन धान की खरीद हुई। फसल बेचने के लिए रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया अपनाए जाने से इस बार फर्जीवाड़ा नहीं हुआ।
हरियाणा के खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव पीके दास के अनुसार जल्द ही मंडियों का निर्धारण पूरा कर लिया जाएगा। रबी की फसल खरीद के लिए विभाग तथा एजेंसियों को कुछ जरूरी सामान खरीदना होता है। वह प्रक्रिया पूरी हो रही है। गेहूं व सरसों खरीद के लिए मंडियां नोटिफाई होते ही यह सुनिश्चित कर लिया जाएगा कि प्रदेश की किस मंडी में प्रतिदिन कितनी खरीद होगी। जनवरी के पहले सप्ताह से फसल बेचने के लिए रजिस्ट्रेशन शुरू हो जाएंगे।
प्रदेश सरकार ने इस बार ऐसा बंदोबस्त भी किया है, ताकि कोई व्यक्ति गैर मुमकिन, पंचायती या सरकारी जमीन पर अपनी काश्त दिखाकर उसका रजिस्ट्रेशन न करा ले। यदि किसी ने सरकारी जमीन पर फसल बोई है तो उसे मेरी फसल मेरा ब्यौरा पार्टल पर रजिस्ट्रेशन कराने के लिए जिला उपायुक्त या सरपंच से अनुमति हासिल करनी होगी। किसानों को उनके मोबाइल पर यह संदेश भेजा जाएगा कि उन्हें किस तारीख को किस मंडी में अपनी कितनी फसल लेकर आनी है।