हरियाणा में मंडियों के जरिये एमएसपी पर ही होगी गेहूं-सरसों की खरीद
मंडियों की अधिसूचना इस माह के अंत तक, फसलों का रजिस्ट्रेशन अगले माह से
हरियाणा सरकार ने अभी से रबी की गेहूं व सरसों की फसल खरीद की तैयारियां शुरू कर दी हैं। प्रदेश सरकार इस बार भी मंडियों के जरिये ही गेहूं व सरसों की खरीद करेगी। इस माह के अंत तक मंडियों की नोटिफिकेशन (अधिसूचना) जारी हो जाएगी तथा जनवरी के पहले सप्ताह से फसल बेचने के लिए मेरी फसल-मेरा ब्योरा वेबपोर्टल पर रजिस्ट्रेशन कराया जा सकेगा। प्रदेश सरकार की योजना 40 दिनों के भीतर 80 लाख मीट्रिक टन गेहूं व सरसों खरीदने की है।
हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल और उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि मंडियों की अधिसूचना जारी करने में देरी न की जाए। इससे किसानों की आशंका का समाधान होगा। प्रदेश सरकार न्यूनतम समर्थन मूल्य पर गेहूं व सरसों की खरीद करेगी। इस बार 64 लाख मीट्रिक टन धान की खरीद का लक्ष्य निर्धारित किया गया था, लेकिन 55.5 लाख मीट्रिक टन धान की खरीद हुई। फसल बेचने के लिए रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया अपनाए जाने से इस बार फर्जीवाड़ा नहीं हुआ। लिहाजा मध्यस्थ किस्म के लोग अथवा बाहरी राज्यों के लोग अपना धान हरियाणा की मंडियों में नहीं बेच पाए हैं। हरियाणा के खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव पीके दास के अनुसार जल्द ही मंडियों का निर्धारण पूरा कर लिया जाएगा। रबी की फसल खरीद के लिए विभाग तथा एजेंसियों को कुछ जरूरी सामान खरीदना होता है। वह प्रक्रिया पूरी हो रही है। गेहूं व सरसों खरीद के लिए मंडियां नोटिफाई होते ही यह सुनिश्चित कर लिया जाएगा कि प्रदेश की किस मंडी में प्रतिदिन कितनी खरीद होगी। जनवरी के पहले सप्ताह से फसल बेचने के लिए रजिस्ट्रेशन शुरू हो जाएंगे। किसानों को उनके मोबाइल पर यह संदेश भेजा जाएगा कि उन्हें किस तारीख को किस मंडी में अपनी कितनी फसल लेकर आनी है। प्रदेश सरकार ने इस बार ऐसा बंदोबस्त भी किया है, ताकि कोई व्यक्ति गैर मुमकिन, पंचायती या सरकारी जमीन पर अपनी काश्त दिखाकर उसका रजिस्ट्रेशन न करा ले। यदि किसी ने सरकारी जमीन पर फसल बोई है तो उसे मेरी फसल मेरा ब्योरा पार्टल पर रजिस्ट्रेशन कराने के लिए जिला उपायुक्त या सरपंच से अनुमति हासिल करनी होगी। यदि जमीन का प्रारूप बदल गया है तो भी रजिस्ट्रेशन नहीं हो सकेगा। हर मंडी में प्रवेश व निकासी द्वार पर सीसीटीवी कैमेर लगाने की व्यवस्था रहेगी, ताकि किसी तरह का फर्जीवाड़ा अंजाम न दिया जा सके।