सीजीआरएफ और विद्युत लोकपाल एक्टिव मोड में
उपभोक्ताओं की बिजली संबंधी शिकायत सुनकर करेंगे समाधान
हरियाणा बिजली वितरण निगमों के उपभोक्ता शिकायत निवारण मंच (सीजीआरएफ) और विद्युत लोकपाल एक्टिव मोड में हैं। दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम (डीएचबीवीएन)के सीजीआरएफ के पास 1 जुलाई से 30 सितबंर तक 144 शिकायतें आई हैं। वहीं, उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम (यूएचबीवीएन)के सीजीआरएफ के पास 1 जुलाई से 30 सितंबर तक 101 शिकायतें आई हैं।
हरियाणा विद्युत विनियामक आयोग (एचईआरसी)के निर्देश हैं कि दोनों निगमों के लिए गठित सीजीआरएफ संबंधित सर्कल में जाकर बिजली उपभोक्ताओं की शिकायत सुनेगा तथा उनका निवारण करेगा।
सीजीआरएफ बिलिंग, वोल्टेज, मीटरिंग से संबंधित शिकायतें, गुणवत्ता, विश्वसनियता, सुरक्षा, एचईआरसी के आदेशों की अवेहलना, बिजली आपूर्ति में बाधाएं संबंधी शिकायतें सुनता है। यदि बिजली उपभोक्ता सीजीआरएफ के फैसले से संतुष्ट नहीं होता तो फिर वह विद्युत लोकपाल के यहां अपनी शिकायत देता है, जिस पर बाद में विद्युत लोकपाल अपना निर्णय सुनाता है। विद्युत लोकपाल वर्चुअल हियरिंग करके दोनों पक्षों की दलीलें सुनता है और फिर अपना निर्णय देता है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार गत वित्त वर्ष यानी 2019-20 में यूएचबीवीएन के सीजीआरएफ के पास 230 तो डीएचबीवीएन के सीजीआरएफ के पास 535 शिकायतें आई थी। वहीं, विद्युत लोकपाल के पास गत्त वित्त वर्ष में 40 शिकायतें आई थी, इन 40 शिकायतों का निपटारा करने के लिए विद्युत लोकपाल ने 128 सीटिंग करनी पड़ी थी। ज्यादातार शिकायतें मीटरिंग और बिजली बिलों से संबंधित होती हैं।
विद्युत लोकपाल वीरेंद्र सिंह के मुताबिक एचईआरसी के सख्त निर्देश हैं कि बिजली उपभोक्ताओं की शिकायतों का निवारण तयशुदा समय में हो और इसके लिए दोनों सीजीआरएफ के चेयरमैन सभी सर्कल में जाकर बिजली उपभोक्ताओं की शिकायत सुनते हैं। वैसे यूएचबीवीएन के सीजीआरएफ का ऑफिस कुरुक्षेत्र में तो डीएचबीवीन के सीजीआरएफ का ऑफिस गुरुग्राम में है। दोनों सीजीआरएफ की जिस भी बिजली सर्कल में बैठक होती है, उसका पहले से प्रचार प्रसार किया जाता है।