हरियाणा में नपेंगे बिजली चोरी करने वाले अफसर
जिलों में उपायुक्त से लेकर पुलिस अधीक्षक के कार्यालयों व आवास पर बिजली चोरी की रिपोर्ट
चंडीगढ़, 20 दिसम्बर। हरियाणा में सरकारी महकमों के दफ्तर व बड़े अधिकारियों के आवास बिजली चोरी से अछूते नहीं हैं। औद्योगिक इकाइयों के बाद बिजली चोरी में सरकारी विभागों व अधिकारियों का नाम आता है। अलबत्ता सरकार जल्द ही इन बड़े अधिकारियों पर नकेल कसने जा रही है।
सरकार के पास पहुंची बिजली चोरी की रिपोर्ट के आधार पर सरकारी विभागों में बड़े ओहदों पर बैठे अधिकारी अब नपेंगे।
ग्रामीण क्षेत्र में बिजली चोरी की आम बात है, लेकिन जगमग योजना से गांवों में बिजली चोरी रूकी तो जिले में तैनात बड़े अधिकारियों ने बिजली चोरी की राह पकड़ ली।
विद्युत निगम के इन उच्चाधिकारयों के कार्यालयों व घरों पर बिजली चोरी रोकने को लेकर असमर्थ नजर आता है। मगर बिजली मंत्री रणजीत चौटाला के तल्ख तेवरों को देखकर अंदाजा लगाया जा सकता है कि बिजली चोरी करने वालों बड़े अफसरों को बख्शा नहीं जाएगा। हालांकि बिजली मंत्री ने अपने ही विभाग के कुछ उच्च अधिकारियों के विरुद्ध बिजली चोरी में कड़ी कार्रवाई करते हुए अफसरशाही को बड़ा संदेश देने की कोशिश की थी, लेकिन इसके बाद भी अधिकारियों के घर व कार्यालयों में बिजली चोरी की घटनाओं में कमी आई हो, ऐसा नहीं है।
सरकार के पास रिपोर्ट पहुंची है कि प्रदेश के कई जिला उपायुक्तो व पुलिस अधीक्षकों के आवास में अवैध रूप से बिजली फूंकी जा रही है। बिजली चोरी में एसडीएम डीएसपी, थानेदार और पुलिस इंस्पेक्टर ओहदे के अधिकारी भी पीछे नहीं हैं। केवल चंडीगढ़ शहर को छोड़कर बाकी अन्य जगहों से अफसरशाही के बिजली चोरी करने की शिकायतें सरकार के पास पहुंच रही हैं। इनमें सरकारी दफ्तर से लेकर अधिकारियों के आवास शामिल हैं।
सूबे के बिजली मंत्री रणजीत चौटाला बिजली चोरी करने वाले सरकारी महकमों व अफसरशाही को बख्शने के मूड़ में नहीं हैं। जल्द ही इनके खिलाफ छापेमारी का अभियान शुरू किया जाएगा। हालांकि यह मामला प्रथम श्रेणी अफसरों से जुड़ा होने के चलते इसकी मंजूरी मुख्यमंत्री मनोहर लाल से लेना जरूरी है। मसलन, अगले कुछ दिनों में असफरशाही के खिलाफ कार्रवाई की मुहिम की रिपोर्ट खुद बिजली मंत्री रणजीत चौटाला मुख्यमंत्री के समक्ष पेश करेंगे। मुख्यमंत्री की मंजूरी मिलते ही बड़े अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की जाएगी।