बिजली चोरी करने वाली औद्योगिक इकाइयों पर निगम की होगी छापेमारी
चंडीगढ़, 18 दिसम्बर। हरियाणा में बिजली चोरी करने वालों पर विद्युत निगम ने नकेल कसने की तैयारी कर ली है। निगम की ओर से बिजली चोरों के खिलाफ अभियान चलाया जाएगा, जिसके तहत बड़े पैमाने पर हो रही बिजली चोरी पर अंकुश लगाने के साथ जुर्माना भी ठोका जाएगा।
बिजली चोरी करने वालों में इस बार औद्योगिक इकाइयां निशाने पर हैं, जहां बड़े पैमाने पर बिजली की चोरी की जा रही है। बड़े औद्योगिक इकाइयों के बजाय छोटी व लघु इकाइयां धड़ल्ले से बिजली चोरी कर रही हैं, जिन पर नकेल कसने के लिए निगम की ओर से योजना तैयार की गई है। विद्युत निगम किसी भी समय ऐसे बिजली चोरों के खिलाफ छापेमारी की कार्रवाई को अंजाम दे सकता है।
हरियाणा में औद्योगिक इकाइयों से विद्युत निगम को 50 फीसद का राजस्व मिलता है, लेकिन लगातार बिजली चोरी के चलते इस राजस्व में कमी जा रही है। जिसकी पूर्ति को लेकर निगम की ओर से छापेमारी अभियान शुरू किया जाएगा। निगम को हर साल करीब 30 हजार करोड़ रुपये का राजस्व मिलता है, जिसमें आधी हिस्सेदारी औद्योगिक इकाइयों की होती है।
बिजली मंत्री रणजीत सिंह चौटाला ने विभाग के अधिकारियों से इस अमले को पूरा करने के लिए प्रस्ताव तैयार करने को कहा है, ताकि उसके आधार पर अमला बढ़ाने का अनुरोध मुख्यमंत्री मनोहर लाल से किया जा सके।
बिजली विभाग के पास इस बात के पुख्ता प्रमाण हैं कि इंडस्ट्री में व्यापक पैमाने पर चोरी हो रही है। गांवों में बिजली की चोरी काफी हद तक रोक दी गई है।
लाइन लास भी घटकर 35 फीसदी से 15 से 20 फीसदी पर आ गया है। बिजली मंत्री रणजीत चौटाला ने पिछले दिनों प्रथम श्रेणी के अधिकारियों के यहां छापेमारी कर सरकार के इरादे जाहिर कर दिए थे, जिसके बाद अधिकारियों में भी बिजली चोरी को लेकर काफी डर है। अब बिजली मंत्री की योजना सरकार का राजस्व बढ़ाने की है, जिस प्रोजेक्ट पर मंत्री की टीम ने काम आरंभ कर दिया है।