हरियाणा में जल्द होगा पंचायत चुनाव का ऐलान
महिलाओं को सरपंच पद में दिया जाएगा 50 प्रतिशत आरक्षण
चंडीगढ़। हरियाणा में अब जल्द ही छोटी सरकार यानि पंचायत चुनाव की प्रक्रिया शुरू हो सकती है। राज्य चुनाव आयोग पंचायती राज संस्थाओं के जिला परिषद, ब्लाक समिति व ग्राम पंचायत के चुनावों की तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटा हुआ है। संभावना जताई जा रही है कि दिल्ली सीमा पर चल रहे किसान आंदोलन को देखते हुए पंचायत चुनावों का ऐलान हो सकता है।
पंचायती राज संस्थाओं के चुनावों में पहली बार महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण का लाभ मिलेगा। यानि इस बार प्रदेश में 6200 ग्राम पंचायतों में से 3100 ग्राम पंचायतों की चौधर महिलाओं के पास होगी। हालांकि पंचों, ब्लाक समितियों व जिला परिषद में पुरानी प्रक्रिया के अनुसार 33 फीसद का आरक्षण महिलाओं को दिया जाएगा। सरपंच पद के लिए आरक्षण का फैसला ड्रा के जरिये होगा। सरकार की ओर से बाकायदा सभी जिला उपायुक्तों को ड्रा निकालने के निर्देश जारी किए जा चुके हैं।
महिलाओं को सरपंच पद के चुनाव में आरक्षण देने का फार्मूला ऑड-इवन रहेगा। यानि इस बार पांच वर्षों के लिए ऑड नंबर की ग्राम पंचायतें चिह्नित की जाती हैं तो अगामी पांच वर्षों बाद होने वाले चुनावों में इवन नंबर को तरजीह दी जाएगी। विकास एवं पंचायत विभाग ने सभी ग्राम पंचायतों को यूनिक आईडी नंबर दिया हुआ है। इसी तरह से पिछड़ा वर्ग की 'बी' कैटेगरी के लिए भी पंचायतों में 8 प्रतिशत आरक्षण का कानून गठबंधन सरकार बना चुकी है। बता दें कि वर्ष 2016 के पंचायती राज चुनावों में शैक्षणिक योग्यता निर्धारित की गई थी, जिसके चलते चुनाव छह महीने की देरी से हुए थे। मौजूदा समय में पंचायती राज संस्थाओं का कार्यकाल फरवरी माह में खत्म होगा। लिहाजा राज्य चुनाव आयोग फरवरी माह से पहले पंचायती राज संस्थाओं के चुनावों को करवाने की तैयारियों को अमलीजा पहनाने की कवायद में जुटा हुआ है।
राज्य चुनाव आयुक्त डॉ. दलीप सिंह का कहना है कि पंचायती राज संस्थाओं का कार्यकाल 24 फरवरी तक है। इससे पहले इनका नये सिरे से गठन होना है। फिलहाल तीन नगर निगमों, एक नगर परिषद और 3 नगर पालिकाओं के चुनाव करवाए जा रहे हैं। 30 दिसंबर तक यह कार्यक्रम चलेगा। इसके बाद पंचायत चुनाव करवाने की कार्रवाई शुरू होने की संभावना है।