किसान आंदोलन : भाजपा को फिर आई एसवाईएल की याद,सांसदों व विधायकों ने लिखा जलमंत्री को पत्र
चंडीगढ़। दिल्ली सीमा में चल रहे किसान आंदोलन के बीच हरियाणा की भाजपा सरकार ने एसवाईएल के पानी का शिगूफा छोड़ा है। एसवाईएल के पानी को लेकर हरियाणा में भाजपा के कई लोकसभा सांसदों व विधायकों के अलावा वरिष्ठ नेताओं ने इस बाबत केंद्रीय जल मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत को पत्र लिखा है।
कृषि कानूनों को लेकर हरियाणा कुछ किसान संगठनों ने सरकार का समर्थन किया है। बाकायदा हरियाणा के सांसदों व विधायकों ने केंद्रीय कृषि मंत्री को पत्र लिखकर कृषि कानूनों की सराहना की है।
सांसदों व विधायकों ने हस्ताक्षर करके कृषि कानूनों में किसान संगठनों द्वारा बताए गए सुधार स्वीकार करने पर धन्यवाद किया गया है। साथ ही, एमएसपी के लिखित आश्वासन व मंडी व्यवस्था जारी रखने पर लिखित आश्वासन देने की पहल के लिए आभार जताया है।
केंद्र सरकार ने लिखित आश्वासन देने का निर्णय लिया है, इससे किसानों का लाभ मिलेगा। चिट्ठी के तीसरे बिंदू में एसवाईएल का जिक्र किया गया है। इनमें कहा गया है कि एसवाईएल हरियाणा की जीवनरेखा है। हरियाणा के किसानों के हिस्से 19 लाख एकड़ फुट पानी 45 बरसों से नहीं मिल रहा है। एमएसपी के साथ-साथ हरियाणा के किसानों के हिस्से का पानी पंजाब से मिलना चाहिए। साथ ही, ऊपरी यमुना पर बनने वाले तीन बांधों – लखवार, किशाऊ व रेणुका के काम में तेजी लाने का आग्रह किया गया है। केंद्रीय जल संसाधन राज्य मंत्री रतनलाल कटारिया ने कहा कि किसानों के आंदोलन में कुछ शरारती तत्व घुस गए हैं। खालिस्तान के नारे लगाने से कुछ नहीं होगा। उन्होंने कहा कि महज चंद शरारती तत्वों की वजह से आंदोलन को एंटी-नेशनल की ओर ले जाया जा रहा है।
ये सांसद व विधायक उतरे समर्थन में
कुरुक्षेत्र सांसद नायब सिंह सैनी व सिरसा सांसद सुनीता दुग्गल, राज्यसभा सांसद डीपी वत्स, रामचंद्र जांगड़ा के अलावा बड़खल विधायक सीमा त्रिखा, फरीदाबाद विधायक नरेंद्र गुप्ता, हिसार विधायक डॉ़ कमल गुप्ता, यमुनानगर विधायक घनश्याम दास अरोड़ा, घरौंडा विधायक हरविंद्र सिंह कल्याण, पानीपत ग्रामीण विधायक महिपाल ढांडा, पटौदी विधायक सतप्रकाश जरावता, तिगांव विधायक राजेश नागर, जींद विधायक डॉ़ कृष्णलाल मिढ्ढा, अटेली विधायक सीता राम यादव, सोहना विधायक संजय सिंह, पलवल विधायक दीपक मंगला, गुरुग्राम विधायक सुधीर सिंगला, पूर्व विधायक नसीम अहमद, जाकिर हुसैन के हस्ताक्षर हैं।