मनोहर सरकार पर दबाव की राजनीति
निर्दलीय विधायकों ने पंचकूला में की गुप्त बैठक
टूरिज्म निगम के चेयरमैन रणधीर गोलन की कोठी पर बनी रणनीति
निर्दलीय कैबिनेट मंत्री रंजीत चौटाला ने बनाई दूरी, जेजेपी के जोगी राम का मिला समर्थन
चंडीगढ़, 15 दिसंबर। हरियाणा की सत्तारूढ़ भाजपा-जेजेपी गठबंधन सरकार की मुश्किलें बढ़ती दिख रही हैं। पिछले तीन सप्ताह से दिल्ली बार्डर पर चल रहे किसान आंदोलन की वजह से विधायकों पर दबाव बढ़ गया है। भाजपा की गठबंधन सहयोगी जननायक जनता पार्टी (जेजेपी) के 4 विधायक खुलकर किसानों की मांगों का समर्थन कर रहे हैं। अब निर्दलीय विधायकों ने किसानों की मांगों पर सकारात्मक रवैया रखने का ‘दबाव’ बनाना शुरू कर दिया है।
मंगलवार को पुंडरी से निर्दलीय विधायक व हरियाणा टूरिज्म निगम के चेयरमैन रणधीर सिंह गोलन की पंचकूला के सेक्टर-12ए स्थित सरकारी कोठी पर निर्दलीय विधायकों की अहम बैठक हुई। सबसे पहले सरकार से समर्थन वापस ले चुके महम से निर्दलीय विधायक बलराज कुंडू इस बैठक में नहीं थे। वहीं रानियां से निर्दलीय विधायक व कैबिनेट मंत्री चौ़ रणजीत सिंह भी बैठक में नहीं दिखे। प्रदेश में कुल 7 निर्दलीय विधायक हैं और इनमें से 5 बैठक में मौजूद रहे। अलबत्ता बरवाला से जेजेपी विधायक जोगीराम सिहाग भी बैठक में मौजूद रहे।
गोलन की कोठी पर हुई बैठक में पृथला से निर्दलीय विधायक व वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के चेयरमैन नयनपाल सिंह रावत, नीलोखेड़ी विधायक व वन विकास निगम के चेयरमैन धर्मपाल सिंह गोंदर, बादशाहपुर विधायक राकेश दौलताबाद व चरखी दादरी से निर्दलीय विधायक सोमबीर सिंह सांगवान बैठक में मौजूद रहे। यहां बता दें कि सोमबीर सिंह ने पिछले दिनों ही सरकार से समर्थन वापस लिया है। सांगवान खाप के दबाव के चलते उन्होंने पशुधन विकास बोर्ड के चेयरमैन पद से भी इस्तीफा दे दिया है।
बैठक में मौजूद रहे सूत्रों का कहना है अधिकांश विधायक किसानों की मांगों के समर्थन में हैं। बताते हैं कि बैठक में विधायकों ने यहां तक चर्चा की कि अगर सरकार ने समय रहते इस मुद्दे को नहीं सुलझाया तो आने वाले दिनों में हर किसी विधायक के लिए मुश्किल बढ़ जाएगी। हलकों में अभी तक जिस तरह से किसानों के अलावा दूसरे सामाजिक व धार्मिक संगठनों के लोग भी जनप्रतिनधियों पर दबाव बना रहे हैं, उसे हल्के में लेना महंगा पड़ सकता है। लोगों की भावनाओं के साथ चलना होगा।
विधायकों ने इकट्ठे ही लंच किया और बाद में चाय की चुस्कियों पर भी किसान आंदोलन और इसकी वजह से प्रदेश की राजनीति में हो रहे उतार-चढ़ाव पर मंथन किया। बरवाला से जेजेपी विधायक जोगीराम सिहाग व दादरी विधायक सोमबीर सांगवान बैठक के बाद अपने हलकों में चले गए। वहीं बाकी चारों निर्दलीय विधायकों ने सीएम मनोहर लाल खट्टर से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने सीएम से कहा कि सरकार किसानों के साथ सकारात्मक संवाद करे। विधायकों ने कहा, हम चाहते हैं कि केंद्र सरकार किसान संगठनों के साथ बातचीत करके उनकी समस्याओं का समाधान करे।