किसानों की आड़ में हो रही है राजनीतिक हितों की पूर्ति:रामदेव
केंद्र से हुई कानून बनाने में चूक,पहले करनी चाहिए थी किसानों से बात
आंदोलन छोड़ बातचीत से विवाद निपटाएं किसान
कोरोनील से एक करोड़ लोग हुए नेगेटिव
चंडीगढ़। योग गुरू स्वामी रामदेव ने कहा है कि कुछ लोग अपने राजनीतिक हितों की पूर्ति के लिए किसानों को गुमराह कर रहे हैं। न तो एमएसपी खत्म हो रही है और मंडियां भी खत्म नहीं हो रही हैं। इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री व कृषि मंत्री से बात हो चुकी है।
रामदेव मंगलवार को चंडीगढ़ सचिवालय में गृह एवं स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज से मुलाकात के बाद पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। योग गुरू ने किसी राजनीतिक दल का नाम लिए बगैर पलटवार करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी किसानों के लिए गलत नीति क्यों बनाएंगे और इसमें उनका क्या हित हो सकता है। कुछ लोग कृषि कानूनों की आड़ में मोदी का विरोध कर रहे हैं। रामदेव ने स्वीकार किया कि केंद्र से कानून बनाते समय में एक बड़ी चूक हुई है। सरकार को चाहिए था कि इसे लागू करने से पहले किसान संगठनों के साथ बैठक जरूर की जाती।
किसानों के साथ बैठकें करके कृषि कानूनों के लाभ बताने को जो काम अब हो रहा है वह पहले करना चाहिए था। रामदेव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की नीयत व नीति एकदम साफ है। इसमें उन्हें कोई संदेह नहीं। रामदेव ने आंदोलनरत किसानों से अपील की कि वह जान-माल का नुकसान न करें और आंदोलन की राह छोडक़र बातचीत के माध्यम से इस समस्या का हल करें। उन्होंने कहा कि आंदोलन में खालिस्तानी नारे तथा देश विरोधी नारे नहीं लगने चाहिएं। यह गलत है।
रामदेव ने कोरोनो से बचाव के लिए मास्क व इम्यूनिटी बूस्टर चीजों का इस्तेमाल करने पर जोर देते हुए कहा कि जाते-जाते कोरोना अपना रोद्र रूप दिखा रहा है। इस बात की कोई गारंटी नहीं है कि 2021 में देशवासियों को कोरोना वैक्सीन मिले।
पतंजलि योगपीठ द्वारा मार्केट में उतारी गई कोरोनील के विवाद को अनावश्यक करार देते हुए रामदेव ने कहा कि एक करोड़ लोगों तक यह दवा पहुंच चुकी है। इसका इस्तेमाल करने वाले नेगेटिव आए हैं। इसकी तथ्यात्मक रिपोर्ट उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि आयुर्वेद व जीवनशैली में परिवर्तन से हमने कई जिंदगियां बचाई हैं।