हरियाणा सरकार ने निगम चुनाव को दी एनओसी
27 दिसंबर को हो सकते हैं पंचकूला,अंबाला व सोनीपत में चुनाव
चुनाव आयोग इसी सप्ताह जारी करेगा चुनाव कार्यक्रम
चंडीगढ़। हरियाणा सरकार ने प्रदेश की तीन नगर निगमों में चुनाव के लिए एनओसी दे दी है। चुनाव आयोग अपनी सभी तैयारियां पूरी कर चुका है। आयोग 27 दिसंबर को तीन नगर निगमों तथा एक नगर परिषद में चुनाव करवाने की तैयारी में है। जिसके लिए इसी सप्ताह चुनाव कार्यक्रम जारी हो सकता है।
सूत्रों के अनुसार, राज्य चुनाव आयुक्त डॉ़ दलीप सिंह ने पंचकूला, अंबाला सिटी व सोनीपत नगर निगम के अलावा रेवाड़ी नगर परिषद के चुनावों को लेकर तमाम तैयारियां पूरी करने के बाद राज्य सरकार से इस बाबत बातचीत की। सरकार की ओर से चुनाव आयोग को इसके लिए हरी झंडी दी जा चुकी है। चुनाव आयोग जनवरी के पहले सप्ताह में चुनाव करवाना चाहता था लेकिन सरकार ने ठंड और मौसम का हवाला देकर पहले चुनाव करवाने की बात कही है। ऐसे में दिसंबर के आखिर में ही चुनाव करवाने का फैसला हुआ। चुनाव कार्यक्रम जारी करने और मतदान की तारीख के बीच कम से कम 22 दिन का समय होना अनिवार्य है। इस लिहाज से 3 या 4 दिसंबर को चुनावों की घोषणा होने के आसार हैं।
भाजपा ने पंचकूला निगम के लिए पूर्व वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु, अंबाला सिटी के लिए भाजपा के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष सुभाष बराला व सोनीपत नगर निगम के लिए शिक्षा मंत्री कंवरपाल गुर्जर को चुनाव प्रभारी बनाया है। वहीं रेवाड़ी नगर परिषद चुनावों के लिए पूर्व शिक्षा मंत्री प्रो़ रामबिलास शर्मा को इंचार्ज लगाया गया है। ये चुनाव सिम्बल पर लड़े जाने हैं, ऐसे में इन नेताओं की स्थानीय नेताओं से फीडबैक जुटाने की ड्यूटी लगाई गई है।
प्रमुख विपक्षी दल कांग्रेस द्वारा चुनावों को लेकर पार्टी प्रदेशाध्यक्ष कुमारी सैलजा ने पूर्व प्रदेशाध्यक्ष रामकिशन गुर्जर की अध्यक्षता में पंचकूला और अंबाला सिटी नगर निगम के लिए दो कमेटियों का गठन किया हुआ है। ये कमेटियां स्थानीय नेताओं से विचार-विमर्श करके चुनावों बारे फैसला करेंगी। कांग्रेस भी इस बार निकायों के चुनाव पार्टी चुनाव-चिह्न पर लडऩे की कोशिश में है। गुर्जर कमेटी को इसी बारे में रिपोर्ट देने को कहा गया है।
भाजपा प्रदेशाध्यक्ष ओमप्रकाश धनखड़ द्वारा तीनों निगमों व रेवाड़ी नगर परिषद के लिए नियुक्त किए गए चुनाव प्रभारियों द्वारा स्थानीय नेताओं से फीडबैक जुटाया जा रहा है। ये नेता पार्टी की टिकट के दावेदारों के अलावा संबंधित सांसदों व विधायकों के अलावा वरिष्ठ नेताओं से विचार-विमर्श कर रहे हैं। संघ नेताओं की भी राय इन नेताओं द्वारा ली जा रही है।