चंडीगढ़। टिड्डी दल के हमले से किसानों की फसल को बचाने के लिए कृषि विभाग ने जिस दवाई से छिडक़ाव किया है वहीं कथित तौर पर घटिया क्वालिटी की थी। पलवल जिला में शिकायत मिलने के बाद जहां संबंधित कंपनी के विरूद्ध कार्रवाई कर दी गई है वहीं अन्य जिलों से भी दवाई को लेकर फीडबैक रिपोर्ट मांग ली गई है।
हरियाणा में पिछले दिनों टिड्डी दल का हमला हुआ था। जिसके चलते किसानों ने जहां अपने स्तर पर खेतों में थालियां आदि बजाकर टिड्डीयों को भगाया वहीं हरियाणा सरकार ने भी कृषि विभाग के कर्मचारियों के माध्यम से प्रभावित क्षेत्रों में दवा का छिडक़ाव करवाया।
सूत्रों के अनुसार ‘क्लोरपाइरीफोस’ नामक दवा प्रभावी सिद्ध नहीं हो सकी। कृषि विभाग के आला अधिकारियों को मिली रिपोर्ट के मुताबिक यह दवा जयपुर की एक कंपनी से ली गई थी। जिसने मई माह के दौरान ही यह लॉट बनाने का दावा किया था। हालांकि इस दवा की वैधता अप्रैल 2022 तक थी लेकिन जून माह के दौरान जब हरियाणा में इसका इस्तेमाल किया गया तो यह टिड्डीयों को भगाने अथवा मारने में कारगर सिद्ध नहीं हो सकी।
छिडक़ाव करने वाले कर्मचारियों ने मुख्यालय को दी जानकारी में दावा किया कि इस दवा के छिडक़ाव का टिड्डीयों पर कोई असर नहीं हुआ।
विभागीय अधिकारियों ने जब इस दवा के सैंपल लेकर लैब में जांच करवाए तो वह तय मानकों पर खरे नहीं उतरे। जिसके चलते जयपुर में पंजीकृत दवा निर्माता कंपनी के विरूद्ध कार्रवाई कर दी गई है।