चंडीगढ़, 2 सितंबर 2026: चंडीगढ़ के उपायुक्त निशांत कुमार यादव, IAS, ने आज चंडीगढ़ प्रशासन के विभिन्न विभागों द्वारा प्रदान की जाने वाली नागरिक सेवाओं को सरल और सुगम बनाने के उद्देश्य से प्रस्तावित 'सिंगल विंडो सिस्टम' की प्रगति की समीक्षा की।
इस बैठक में सूचना प्रौद्योगिकी (IT) सचिव श्री डी. कार्तिकेयन, IAS; IT निदेशक अविकेश गुप्ता, PCS और एनआईसी (NIC) के प्रतिनिधि शामिल हुए। उपायुक्त ने संबंधित विभागों को सरल सेवा प्रक्रियाओं और युक्तिसंगत दस्तावेजी आवश्यकताओं को शामिल करते हुए निर्धारित समय सीमा के भीतर एक संशोधित रूपरेखा (रोडमैप) तैयार करने के निर्देश दिए।
समीक्षा के दौरान, उपायुक्त ने निर्देश दिया कि इस प्रणाली के अंतर्गत लाई जाने वाली सभी सेवाओं की मैपिंग और पुनर्गठन (री-इंजीनियरिंग) किया जाए, ताकि अनावश्यक चरणों को हटाया जा सके, बार-बार दोहराई जाने वाली प्रक्रियाओं में कमी आए और नागरिकों को कई विभागों के चक्कर न काटने पड़ें। इसका उद्देश्य सरकारी सेवाओं को त्वरित, पारदर्शी और बाधारहित बनाना है।
उन्होंने विभागों को विभिन्न सेवाओं के लिए आवश्यक दस्तावेजों की समीक्षा करने और ऐसे अनावश्यक या दोहराए जाने वाले दस्तावेजों को हटाने के भी निर्देश दिए, जिनकी जानकारी मौजूदा सरकारी डेटाबेस और डिजिटल रिकॉर्ड के माध्यम से सत्यापित की जा सकती है। इसका उद्देश्य नागरिकों पर कागजी प्रक्रियाओं के बोझ को कम करना है।
बैठक में विभिन्न सेवाओं के लिए सेवा का अधिकार (आरटीएस) समय-सीमा की भी समीक्षा की गई। विभागों को मौजूदा समय-सीमा का परीक्षण करने और सेवाओं की त्वरित तथा समयबद्ध डिलीवरी सुनिश्चित करने के लिए जहाँ भी संभव हो, समय-सीमा को कम करने के निर्देश दिए गए।
उपायुक्त ने संबंधित विभागों को अन्य राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में सफल सिंगल विंडो तथा डिजिटल सेवा वितरण मॉडलों का अध्ययन करने और सर्वोत्तम प्रथाओं (बेस्ट प्रैक्टिसेज) की पहचान करने के निर्देश दिए, जिन्हें चंडीगढ़ में उपयुक्त रूप से लागू किया जा सके।
प्रस्तावित सिंगल विंडो सिस्टम का उद्देश्य एक सरल, त्वरित, पारदर्शी और नागरिक-केंद्रित सेवा वितरण तंत्र स्थापित करना है, जिससे निवासियों को अधिक सुगमता से और स्पष्ट रूप से निर्धारित समय सीमा के भीतर सरकारी सेवाओं का लाभ मिल सके।