इस मौके पर, अलग-अलग संगठनों से जुड़े पदाधिकारी और मज़दूर इकट्ठा हुए और अपनी मांगों को ज़ोरदार तरीके से उठाया। भारत के माननीय प्रधानमंत्री, माननीय केंद्रीय श्रम और रोज़गार मंत्री और माननीय केंद्रीय वित्त मंत्री को संबोधित एक ज्ञापन डिप्टी कमिश्नर, चंडीगढ़ के ज़रिए सौंपा गया।
भारतीय मजदूर संघ ने कहा कि मज़दूरों द्वारा उठाए गए मुद्दे सिर्फ़ वेतन और सर्विस की शर्तों से जुड़े नहीं हैं, बल्कि सामाजिक सुरक्षा, मज़दूरों की गरिमा, रोज़गार सुरक्षा, सही मेहनताना और मज़दूरों और उनके परिवारों के आर्थिक भविष्य से जुड़े हैं। मुख्य मांगें:
1. EPF-95 के तहत मिनिमम पेंशन ₹1,000 से बढ़ाकर ₹7,500 प्रति महीना की जाए, साथ ही DA और आयुष्मान भारत योजना से लिंक किया जाए।
2. EPF, ESIC और बोनस कैलकुलेशन पर लागू सीलिंग लिमिट को दोगुना किया जाए।
3. पुरानी पेंशन स्कीम (OPS) को बहाल किया जाए।
4. ग्रेच्युटी कैलकुलेशन को 15 दिन की सैलरी से बदलकर 30 दिन की सैलरी किया जाए और सीलिंग लिमिट हटाई जाए।
5. कॉन्ट्रैक्ट वर्कर सहित सभी कर्मचारियों के लिए समान काम के लिए समान वेतन पक्का किया जाए।
6. बढ़ती महंगाई के हिसाब से मिनिमम सैलरी बढ़ाई जाए।
7. आंगनवाड़ी, ASHA, मिड-डे मील, NHM और दूसरी स्कीम वर्कर के लिए फायदे बढ़ाए जाएं।
8. बैंकों में पांच दिन का वर्किंग वीक लागू किया जाए।
9. लेबर कोड में सही बदलाव किए जाएं ताकि वर्कर-विरोधी नियम हटाए जा सकें और वर्कर की सुरक्षा मजबूत की जा सके। 10. हैवी इंजीनियरिंग कॉर्पोरेशन, रांची और अलग-अलग राज्यों की 23 नेशनल टेक्सटाइल मिल्स के वर्कर्स और कर्मचारियों के लंबे समय से पेंडिंग मुद्दों को तुरंत हल करें।
10. LIC डेवलपमेंट ऑफिसर्स के लिए एम्प्लॉयमेंट सिक्योरिटी पक्का करें और उनकी सैलरी और बेनिफिट्स में प्रपोज़्ड कटौती वापस लें।
11. कॉन्ट्रैक्ट पर काम करने वाले, टेम्पररी, डेली-वेज वाले और दूसरे कर्मचारियों को, जिन्होंने तय पोस्ट पर 10 साल या उससे ज़्यादा लगातार सर्विस पूरी कर ली है, एक बार में रेगुलर करें।
भारतीय मज़दूर संघ, चंडीगढ़ ने केंद्र सरकार से इन असली और लंबे समय से पेंडिंग मांगों को प्रायोरिटी देने और उनके सॉल्यूशन के लिए ठोस और टाइम-बाउंड एक्शन शुरू करने की अपील की।
ऑर्गनाइज़ेशन ने कहा कि इंडस्ट्रियल शांति, सोशल जस्टिस, बेहतर वर्किंग कंडीशंस और देश की इकोनॉमिक प्रोग्रेस के लिए वर्कर्स के मुद्दों का टाइम पर सॉल्यूशन ज़रूरी है। भारतीय मज़दूर संघ, चंडीगढ़ ने उम्मीद जताई कि केंद्र सरकार वर्कर्स की असली मांगों पर सीरियसली विचार करेगी और जल्द से जल्द सही फैसले लेगी।