चंडीगढ़, (तानिया रोहिल्ला)। हरियाणा प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि यह देशभर के छात्रों के शांतिपूर्ण, लोकतांत्रिक और निरंतर संघर्ष की ऐतिहासिक जीत है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनता की आवाज़ और छात्रों के अधिकारों को लंबे समय तक दबाया नहीं जा सकता। युवाओं के दबाव और सत्य के संघर्ष के आगे सरकार को आखिरकार जवाबदेही स्वीकार करनी पड़ी।
राव नरेंद्र सिंह ने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा केवल पहला कदम है। इससे छात्रों की समस्याओं का पूर्ण समाधान नहीं होगा। केंद्र सरकार को NEET, CBSE सहित अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में हुई अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच कर दोषियों की जवाबदेही तय करनी होगी, परीक्षा माफिया के खिलाफ कठोर कार्रवाई करनी होगी तथा प्रभावित छात्रों को न्याय सुनिश्चित करना होगा।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी लंबे समय से छात्रों के अधिकारों की लड़ाई सड़क से लेकर संसद तक पूरी मजबूती के साथ लड़ रही है। छात्रों ने धैर्य, अनुशासन और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज़ बुलंद की, जिसका परिणाम है कि सरकार को अंततः यह निर्णय लेने के लिए मजबूर होना पड़ा।
राव नरेंद्र सिंह ने कहा कि कांग्रेस का आंदोलन केवल किसी एक मंत्री के इस्तीफे तक सीमित नहीं है। पार्टी का उद्देश्य देश की शिक्षा व्यवस्था को पारदर्शी, विश्वसनीय और जवाबदेह बनाना है। इसके लिए परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार, भ्रष्टाचार पर प्रभावी रोक तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सशक्त एवं पारदर्शी व्यवस्था लागू करना आवश्यक है। कांग्रेस तब तक अपना संघर्ष जारी रखेगी, जब तक प्रत्येक छात्र को न्याय और निष्पक्ष परीक्षा व्यवस्था सुनिश्चित नहीं हो जाती।
राव नरेंद्र सिंह ने कहा, "हार हो जाती है जब मान लिया जाता है, जीत तब होती है जब ठान लिया जाता है।" यह जीत उन 21 बेटों-बेटियों की स्मृति को समर्पित है, जो अब इस दुनिया में नहीं हैं। यह जीत देश के उन लाखों युवाओं की है, जिन्होंने शिक्षा व्यवस्था में बदलाव और जवाबदेही की नई चेतना को जन्म दिया। उन्होंने कहा कि यह जीत लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के दृढ़ संकल्प और नेतृत्व की भी है, जिन्होंने राजनीति से ऊपर उठकर देश के युवाओं के भविष्य के लिए 'छात्रों की गूंज' अभियान के माध्यम से इस मुद्दे को राष्ट्रीय स्तर पर मजबूती से उठाया और छात्रों की आवाज़ को संसद से लेकर सड़क तक बुलंद किया।
राव नरेंद्र सिंह ने बताया कि हरियाणा प्रदेश कांग्रेस ने सभी जिला कांग्रेस कमेटियों (DCCs) को निर्देश दिए हैं कि पहले से प्रस्तावित कैंडललाइट मार्च एवं सत्याग्रह के स्थान पर आज सभी जिला मुख्यालयों पर "विजय मार्च" आयोजित किए जाएं। यह विजय मार्च देश के छात्रों के संघर्ष, लोकतंत्र की जीत तथा राहुल गांधी के नेतृत्व को समर्पित होगा, जिनके निरंतर प्रयासों ने सरकार को जवाबदेह बनने के लिए मजबूर किया।
उन्होंने सभी जिला कांग्रेस कमेटियों, फ्रंटल संगठनों, विभागों, प्रकोष्ठों तथा कांग्रेस कार्यकर्ताओं से बड़ी संख्या में विजय मार्च में भाग लेने का आह्वान करते हुए कहा कि यह केवल एक राजनीतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि देश के युवाओं, शिक्षा व्यवस्था में सुधार और लोकतांत्रिक मूल्यों की जीत का उत्सव है।