चंडीगढ़, 12 जून, 2026: विश्व बाल श्रम निषेध दिवस के अवसर पर बाल श्रम के दुष्प्रभावों एवं इसके कानूनी परिणामों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से जिला बाल संरक्षण इकाई (DCPU), चंडीगढ़, एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (AHTU) तथा श्रम विभाग द्वारा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSA), चंडीगढ़ के मार्गदर्शन एवं पर्यवेक्षण में चंडीगढ़ के विभिन्न क्षेत्रों में संयुक्त जागरूकता अभियान चलाया गया।
यह अभियान मोटर मार्केट, सेक्टर-48; मोटर मार्केट, सेक्टर-38 पश्चिम; मोटर मार्केट, मनीमाजरा; तथा ट्रांसपोर्ट एरिया, सेक्टर-26, चंडीगढ़ में आयोजित किया गया। अभियान के दौरान अधिकारियों एवं टीम के सदस्यों ने दुकानदारों, श्रमिकों, मैकेनिकों, परिवहन कर्मियों तथा आम नागरिकों से संवाद कर उन्हें बाल अधिकारों एवं बाल श्रम निषेध संबंधी कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी। साथ ही जागरूकता संबंधी पर्चे एवं सूचना सामग्री भी वितरित की गई।
टीमों ने नागरिकों को जागरूक किया कि बच्चों से श्रम करवाना कानून के तहत दंडनीय अपराध है। उन्होंने इस बात पर भी बल दिया कि प्रत्येक बच्चे को शिक्षा, सुरक्षा एवं समग्र विकास का अधिकार प्राप्त है। आमजन से अपील की गई कि वे सतर्क रहें तथा बाल श्रम के किसी भी मामले की जानकारी तत्काल संबंधित अधिकारियों को दें।
नागरिकों से अनुरोध किया गया कि ऐसे मामलों की सूचना जिला बाल संरक्षण इकाई (DCPU), एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (AHTU) तथा श्रम विभाग को दें, ताकि बच्चों के हित में समय पर बचाव, पुनर्वास एवं कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। अभियान में शामिल विभागों ने बाल श्रम मुक्त समाज के निर्माण तथा चंडीगढ़ के प्रत्येक बच्चे के अधिकारों और कल्याण की रक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।