मेरठ, डॉ नदीम अहमद: आईआईएमटी यूनिवर्सिटी में छात्रों पर लगातार हो रहे कथित अत्याचार और हाल ही में हुई एक दर्दनाक घटना के बाद छात्रों का आक्रोश फूट पड़ा। जानकारी के अनुसार MBA की एक छात्रा की हॉस्टल की छत गिरने से मौके पर ही मौत हो गई। छात्रों ने इस घटना के लिए यूनिवर्सिटी प्रशासन की लापरवाही को जिम्मेदार ठहराया है।
22 घंटे बाद प्रशासन ने मानी सभी मांगें
बताया जा रहा है कि मृतक छात्रा की मां का लगभग तीन महीने पहले निधन हो गया था, जिसके कारण छात्रा मानसिक रूप से भी परेशान थी। आरोप है कि हॉस्टल लौटने के बाद छात्रा की कम अटेंडेंस को लेकर उसे लगातार प्रताड़ित किया गया तथा ₹30,000 की पेनल्टी को लेकर भी यूनिवर्सिटी प्रशासन द्वारा दबाव बनाया जाता रहा। छात्रों का कहना है कि प्रशासन की इसी प्रताड़ना और लापरवाही के चलते छात्रा की जान गई। घटना के बाद यूनिवर्सिटी परिसर में छात्रों का जोरदार प्रदर्शन शुरू हो गया, जो लगातार 22 घंटे तक चला। इस आंदोलन में स्टूडेंट सेवा समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष करार हुसैन सहित कई छात्र नेता और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।
छात्रों और छात्र नेताओं की मुख्य मांगों में मृतक छात्रा के परिवार को ₹5 लाख की आर्थिक सहायता देने, किसी भी छात्र पर किसी प्रकार की पेनल्टी न लगाने, गर्ल्स और बॉयज़ हॉस्टल के वार्डनों को तत्काल हटाने तथा छात्रों के साथ हो रहे कथित शोषण को बंद करने जैसी मांगें शामिल थीं। लगातार 22 घंटे तक चले आंदोलन के बाद यूनिवर्सिटी की वीसी और प्रशासनिक अधिकारी छात्रों के बीच पहुंचे। छात्रों की सभी प्रमुख मांगों को स्वीकार करने के बाद धरना समाप्त कराया गया।
स्टूडेंट सेवा समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष करार हुसैन ने कहा कि यदि छात्र अपने अधिकारों के लिए एकजुट होकर आवाज उठाते रहेंगे तो कोई भी यूनिवर्सिटी या स्कूल छात्रों पर तानाशाही नहीं कर पाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि इस मामले में यूनिवर्सिटी के खिलाफ मुकदमा दर्ज हो चुका है और जांच जारी है। भविष्य में यदि किसी भी छात्र के साथ अन्याय या उत्पीड़न हुआ तो उसे किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। छात्रों ने मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।