नई दिल्ली, 11 मई 2026: रिलायंस फाउंडेशन और ऑब्जर्वर रिसर्च फाउंडेशन (ओआरएफ) ने ग्रामीण विकास पर दस वर्षों के कार्य का एक बड़ा अध्ययन जारी किया है। इस अध्ययन में देश के चार राज्यों के 3 हजार गांवों में हुए बदलावों का आकलन किया गया है।
अध्ययन ओडिशा के बलांगीर, मध्य प्रदेश के मंडला, आंध्र प्रदेश के आदोनी और गुजरात के राधनपुर क्षेत्रों पर आधारित है, जहां 2,100 से अधिक परिवारों के जीवन में आए बदलावों का आकलन किया गया। रिपोर्ट के अनुसार स्थानीय संस्थाओं की मजबूती, सामुदायिक भागीदारी और साझा प्रयास आत्मनिर्भर गांवों की सबसे बड़ी कुंजी बने हैं।
- ओआरएफकेसाथ संयुक्त अध्ययन में दस वर्षों में आजीविका और ग्रामीण जीवन में सुधार का दावा
- स्थानीयसंस्थाओंऔर सामुदायिक भागीदारी को बताया आत्मनिर्भर गांव की कुंजी
नई दिल्ली में आयोजित चर्चा कार्यक्रम में नीति विशेषज्ञों, शोधकर्ताओं और विकास क्षेत्र से जुड़े प्रतिनिधियों ने ग्रामीण विकास के विभिन्न पहलुओं पर विचार-विमर्श किया। ओआरएफ के उपाध्यक्ष डॉ. नीलांजन घोष ने कहा कि ग्रामीण विकास के लिए स्थानीय जरूरतों के अनुरूप योजनाएं जरूरी हैं। वहीं रिलायंस फाउंडेशन के मुख्य विकास अधिकारी सुदर्शन सुची ने कहा कि गांव तब आत्मनिर्भर बनते हैं जब समुदाय स्वयं समाधान तैयार करता है और स्थानीय संस्थाएं मजबूत होती हैं।
रिलायंस फाउंडेशन के ग्रामीण परिवर्तन कार्यक्रम प्रमुख अभिनव सेन ने ग्राम पंचायतों को मजबूत बनाने के लिए आंकड़ों, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और जनभागीदारी के उपयोग पर जोर दिया। चर्चा के दौरान महिलाओं और युवाओं की भागीदारी बढ़ाने, पर्यावरण संरक्षण तथा डिजिटल तकनीकों के जिम्मेदार इस्तेमाल को भी महत्वपूर्ण बताया गया। रिलायंस फाउंडेशन ने कहा कि वह शिक्षा, स्वास्थ्य, ग्रामीण विकास, महिला सशक्तिकरण और खेल सहित कई क्षेत्रों में कार्य कर रहा है तथा अब तक देशभर में 9.7 करोड़ से अधिक लोगों तक पहुंच बना चुका है।