नालंदा (बिहार): नालंदा खुला विश्वविद्यालय के वनस्पति शास्त्र विभाग में आज एक भावभीनी शोक सभा का आयोजन किया गया। यह सभा विभाग के पूर्व समन्वयक एवं प्रख्यात विद्वान प्रो. अजय किशोर शरण के आकस्मिक निधन पर गहरा शोक व्यक्त करने हेतु आयोजित की गई। सभा की शुरुआत अत्यंत गंभीर और भावुक माहौल में हुई, जहाँ उपस्थित सभी शिक्षकों, कर्मचारियों एवं छात्र-छात्राओं ने खड़े होकर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखा। इस दौरान पूरे परिसर में शोक और संवेदना का वातावरण व्याप्त रहा।
दिवंगत प्रो. अजय किशोर शरण को एक उच्च कोटि के विद्वान, अनुशासित शिक्षक एवं समर्पित शिक्षाविद् के रूप में याद किया गया। उन्होंने अपने कार्यकाल में वनस्पति शास्त्र विभाग के शैक्षणिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया था। उनके मार्गदर्शन में अनेक विद्यार्थियों ने शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट उपलब्धियाँ हासिल कीं। इस अवसर पर विभाग के वर्तमान समन्वयक प्रो. श्याम नंदन प्रसाद ने अपने संबोधन में गहरा दुःख व्यक्त करते हुए कहा कि, “मैं उन्हें हमेशा एक बड़े भाई की तरह मानता था। उनका स्नेह, मार्गदर्शन और व्यक्तित्व मेरे लिए प्रेरणा का स्रोत रहा है। उनका निधन केवल विभाग ही नहीं, बल्कि मेरी व्यक्तिगत क्षति भी है।” उन्होंने यह भी बताया कि प्रो. शरण पिछले कई महीनों से अस्वस्थ चल रहे थे, जिसके बावजूद उनका शिक्षण के प्रति समर्पण कभी कम नहीं हुआ।
शोक सभा में विभाग के उपेन्द्र कुमार, पवन कुमार, बाह्य परीक्षक डॉ. कौशलेंद्र कुमार, डॉ. सुधीर कुमार सहित विश्वविद्यालय के अन्य शिक्षकगण, गैर-शिक्षण कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित थे। सभी ने दिवंगत आत्मा के प्रति श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके योगदान को याद किया। सभा के अंत में यह संकल्प लिया गया कि प्रो. अजय किशोर शरण के आदर्शों और शिक्षण मूल्यों को आगे बढ़ाया जाएगा, जिससे उनके द्वारा स्थापित शैक्षणिक परंपरा को निरंतर सशक्त किया जा सके। ईश्वर से प्रार्थना की गई कि वे दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें तथा शोकाकुल परिवार को इस अपार दुःख को सहन करने की शक्ति दें।