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राष्ट्रीय

" पर्यावरण संरक्षण में महिला श्रमिकों की भूमिका : एक विश्लेषण "

Updated on Friday, May 01, 2026 21:55 PM IST

 

आलेख - डॉ. श्याम नंदन प्रसाद , पर्यावरणविद्
प्रदेश अध्यक्ष , अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधित्व प्राप्त और महिला सशक्तिकरण और बाल विकास के लिए समर्पित वूमेन पावर सोसियलिटी फाउंडेशन ( WPSF ) , बिहार इकाई , पटना ।

हर वर्ष 1 मई को पूरी दुनिया में श्रमिक दिवस ( मजदूर दिवस) मनाया जाता है। सर्वप्रथम वैश्विक स्तर पर 1 मई , 1889 को और भारत में 1 मई , 1923 को मजदूर दिवस मनाने की शुरुआत की गई थी । मजदूर दिवस हमें यह प्रेरणा देता है कि एक स्वस्थ और सुरक्षित कार्यस्थल के लिए बहुत ही जरूरी है कि वहां एक स्वच्छ और स्वस्थ पर्यावरण हो । पर्यावरण संरक्षण में महिला श्रमिकों की बहुत बड़ी भूमिक होती है । आज वैश्विक स्तर पर मौजूद पर्यावरण संकट से निजात पाने में महिला श्रमिकों की भूमिका प्रासंगिक है , क्योंकि प्राकृतिक संसाधनों ( जल‌ , जंगल और जमीन‌ ) से इनके सीधे जुड़ाव के कारण ये पर्यावरण में असंतुलन की स्थिति को सबसे पहले समझती है और आगे बढ़कर उसके निदान में बढ़ चढ़ कर हिस्सा लेती हैं ।

प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के अंतर्गत ग्रामीण महिलाएं विशेष कर महिला श्रमिक अग्रणी भूमिका निभाती है । वनों के संरक्षण, बीज संरक्षण और पौधा रोपण और फसल तैयार हो जाने के बाद उनकी कटनी में महिला श्रमिकों की भूमिका से इनकार नहीं किया जा सकता है । बिहार और अन्य जगहों में धान के पौध ( Rice seedlings ) की रोपनी महिला श्रमिकों के द्वारा ही किया जाता है , जो आज भी देखने को मिलता है। यही नहीं गेहूं की फसल तैयार हो जाने के बाद कटनी भी यहां मुख्य रूप से महिला श्रमिक ही करती है । महिला श्रमिकों में मैने देखा है कि वे पौधा रोपन के बाद पौधों की अपने परिवार की तरह समुचित देखभाल करती हैं ।

1970 के दशक में चिपको आंदोलन में महिलाओं के उत्कृष्ट और उल्लेखनीय योगदान को भुलाया नहीं जा सकता है । महिलाओं के नेतृत्व में पेड़ों को कटने से बचाकर महिलाओं ने पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक मिसाल कायम किया । इस कड़ी में नर्मदा बचाओ आंदोलन और विश्नोई आंदोलन विशेष रूप से यहां उल्लेखनीय है । ग्रामीण महिला श्रमिक पारंपरिक कृषि पद्धति और बीज बैंक के माध्यम से जैव विविधता का संरक्षण करने में अहम भूमिका निभाती हैं । कचरा प्रबंधन अंतर्गत महिलाएं गीला और सुखा कचरा को अलग कर , जैव खाद बनाने और प्लास्टिक के कम से कम प्रयोग कर पर्यावरण संरक्षण में अग्रणी भूमिका निभाती हैं । चूल्हा की जगह प्राकृतिक संसाधनों से खाना बनाकर पर्यावरण संरक्षण में योगदान देती हैं । संस्कृति और पर्यावरण के अंतर्गत आज भी पीपल , बरगद और तुलसी की पूजा महिलाएं ही करती आ रहीं हैं। शायद ही ऐसा घर होगा जिसके आंगन में तुलसी का पौधा ना हो । यदि वनस्पति शास्त्र की भाषा में देखा जाए, तब बताते चलें कि पीपल और बरगद वृक्षों की जैव विविधता को बनाए रखने में बहुत ही महत्व्पूर्ण भूमिका होती है। तुलसी का पौधा एक अत्यंत औषधियों गुणों से भरपूर औषधीय पौधा है ।

अंत में महिलाएं प्रकृति की रक्षक मानी जाती हैं। पर्यावरण संरक्षण में महिला श्रमिकों की अत्यंत ही महत्वपूर्ण भूमिका को देखते हुए यदि यह कहा जाए कि महिलाओं के योगदान के बिना पर्यावरण को संरक्षित करने का हमारा संकल्प अधूरा रह जायेगा , तब कोई अतिशयोक्ति नहीं होगी ।

यह एक अत्यंत ही हर्ष की बात है कि।अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधित्व प्राप्त और महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास के लिए समर्पित वूमेन पावर सोसियलिटी फाउंडेशन ‌(WPSF) विश्व श्रमिक दिवस पर आज 1 मई , 2026 को विश्व श्रमिक ( मजदूर ) दिवस सम्मान समारोह सीजन तृतीय का भव्य आयोजन भारत के गुलाबी शहर जयपुर , राजस्थान में एक भव्य समारोह का आयोजन कर रहा है । इस समारोह में राष्ट्र के विकास में उल्लेखनीय योगदान देने वाले श्रमिकों को सम्मानित किया जाएगा। मैं इस समारोह की सफलता की कमाना करता हु । मुझे पूरी उम्मीद है कि WPSF के राष्ट्रीय संयोजक माननीय श्री संतोष मीरवाल जी के नेतृत्व में यह समारोह एक इतिहास रचेगा और श्रमिकों की बेहतरी के लिए सुझाव देगा ।
" मेहनत ही वह चाबी है , जो सफलता के हर दरवाजे को खोल देता है " , यही भूमिका राष्ट्र निर्माण में मजदूरों की होती है ।
" मेहनत की हर बूंद से सपनों का निर्माण होता है , मजदूर की मेहनत से ही देश महान बनता है " ।
" हाथों में छाले हैं , फिर भी इरादे फौलादी हैं , देश की तरक्की में मजदूरों की ही भागीदारी है "

श्रमिक हमारे समाज की असली ताकत होते हैं । उनकी मेहनत और संघर्ष से ही विकास की नींव मजबूत होती हैं । आइए ! आज मजदूर दिवस के विशेष दिन पर मजदूर भाइयों और बहनों के सम्मान , अधिकार और सुरक्षित पर्यावरणीय वातावरण में कार्य करने की दिशा में हम सब मिलकर संकल्प लें ।
इन्हीं चंद शब्दों के साथ , सभी देश वासियों को विश्व श्रमिक दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं ।


हमारे प्रेरणास्त्रोत - संतोष मीरवाल , राष्ट्रीय संयोजक , WPSF , भारत ।

Readers' Comments
Dr. Shyam Nandan Prasad , ENVIRONMENTALIST 5/1/2026 10:12:11 PM

Very nice . I express Gratitude for publishing my Article in Prestigious P News.

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