चंडीगढ़:- चंडीगढ़ प्रशासन द्वारा डॉ. भीमराव अंबेडकर की 135वीं जयंती के अवसर पर सेक्टर-37 स्थित डॉ. अंबेडकर स्टडी सर्कल में एक स्मारक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य अंबेडकर के जीवन, विचारों और उपलब्धियों पर प्रकाश डालना तथा सामुदायिक कल्याण से जुड़े प्रशासनिक मुद्दों पर चर्चा करना रहा इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में दमंदीप कौर संधू उपस्थित रहीं। उनके साथ अनुराधा चगती और पालीका अरोड़ा भी कार्यक्रम में शामिल हुईं।
सामाजिक कल्याण विभाग द्वारा विभिन्न संस्थानों में भी विशेष गतिविधियां आयोजित की गईं। विभाग के विधिक सलाहकार ने संवाद सत्रों के माध्यम से अंबेडकर के जीवन मिशन, विधिक विरासत और उनके ऐतिहासिक योगदान पर विस्तृत जानकारी दी। इन सत्रों का उद्देश्य कर्मचारियों और लाभार्थियों को संवैधानिक अधिकारों एवं समानता के सिद्धांतों के प्रति जागरूक करना था। स्नेहालय (बालिका), स्नेहालय (बालक) तथा ऑब्जर्वेशन होम्स में रहने वाले 192 बच्चों ने इन गतिविधियों में भाग लिया।
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने सामाजिक समानता और विधिक सशक्तिकरण में अंबेडकर के योगदान को रेखांकित किया। संगोष्ठी में चंडीगढ़ के अनुसूचित जाति वर्ग के लिए पंजाब और हरियाणा की रिक्तियों में आरक्षण की स्थिति तथा प्रशासन के विभिन्न विभागों में प्रत्यक्ष भर्ती और पदोन्नति में उचित प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने जैसे मुद्दे भी उठाए गए।
इस दौरान अनुराधा चगती और पालीका अरोड़ा ने अंबेडकर के आदर्शों को नमन करते हुए कहा कि प्रशासन समुदाय की समस्याओं के समाधान के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि सभी कैडरों में नियमों और रोस्टर पॉइंट्स के अनुसार आरक्षण लागू किया जा रहा है तथा भर्ती और पदोन्नति प्रक्रियाओं में पारदर्शिता बनाए रखने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। कार्यक्रम का समापन समावेशी और समानतापूर्ण समाज के निर्माण के संकल्प के साथ किया गया।