नई दिल्ली, 07 अप्रैल। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के शहरी विकास को नई दिशा देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 50 लाख लोगों को ‘मनोहर’ सौगात दी है। दिल्ली में 1511 अवैध कालोनियों को नियमित किया जाएगा। पीएम उदय को नई रफ्तार देते हुए जैसा है-जहां है कानून आधार पर कालोनियों को वैधता का दर्जा मिलेगा और नागरिकों को मालिकाना हक के साथ कानूनी सुरक्षा देने का रास्ता साफ हुआ है। वर्षों से लेआउट प्लान की बाधा में फंसी इस प्रक्रिया को अब गति मिलेगी। यह घोषणा केंद्रीय ऊर्जा, शहरी विकास एवं आवासन मंत्री मनोहर लाल ने नई दिल्ली में की। केंद्रीय मंत्री ने स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत विजन से दिल्ली की तस्वीर बदल रही है, कोरिडोर के साथ मेट्रो, बाईपास, एयरपोर्ट और नए भवनों के निर्माण से दिल्ली का पूरी तरह नक्शा बदला जा रहा है, आने वाले कुछ समय में दिल्ली का स्वरूप पूरी तरह अलग नजर आएगा।
पीएम उदय को नई रफ्तार : जैसा है-जहां हैं आधार पर कालोनियों को मिलेगा कानूनी दर्जा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत विजन से दिल्ली की बदल रही है तस्वीर : मनोहर लाल
केंद्रीय मंत्री बोले : दिल्ली की आबादी बढ़ी, लेकिन विकास की प्लानिंग का रहा आभाव, अब विकास प्लानिंग पर फोकस
केंद्रीय मंत्री ने दिल्ली की पूर्व सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि दिल्ली की आबादी बढ़ी, लेकिन विकास की प्लानिंग का अभाव रहा। अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में दिल्ली में डबल इंजन की सरकार है, जिसका फोकस प्लानिंग के साथ योजनाओं को सिरे चढ़ाना है।
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि राष्ट्रीय राजधानी में अनधिकृत कालोनियों में लगभग 50 लाख लोग रहते हैं, उन्हें लोगों को केंद्र सरकार की ओर से बड़ी राहत देते हुए 1511 अनधिकृत कॉलोनियों को ‘जैसा है, जहां है’ आधार पर बिना लेआउट प्लान की अनिवार्यता के नियमित किया जाएगा। पिछले लंबे समय से दिल्ली के नागरिक कालोनियों को नियमितीकरण की मांग उठा रहे थे।
नए फैसले से 1731 में से 1511 कॉलोनियों को बिना लेआउट प्लान के ही नियमित किया जाएगा, बशर्ते वे निर्धारित अपवर्जन (अपवाद) श्रेणी में न आती हों। साथ ही, सभी भूखंडों का भूमि उपयोग आवासीय (रेजिडेंशियल) माना जाएगा। इसके अलावा, छोटे दुकानदारों को भी राहत दी गई है। 20 वर्गमीटर तक की सुविधा दुकानें 6 मीटर चौड़ी सड़क पर नियमित की जा सकेंगी, जबकि 10 वर्गमीटर तक की दुकानों के लिए इससे कम चौड़ाई भी मान्य होगी। नियमितीकरण की प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए दिल्ली नगर निगम द्वारा स्वगम पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन की सुविधा दी गई है। इस पोर्टल पर आवेदन की प्रक्रिया 24 अप्रैल से शुरू होगी। आवेदकों को लॉगिन कर अपनी कॉलोनी का चयन करना होगा। सरकार ने पुनर्निर्माण और विकास से जुड़े नियम भी तय किए हैं। यदि किसी भवन में बदलाव या पुनर्निर्माण किया जाता है, तो सड़क चौड़ीकरण के लिए जमीन का कुछ हिस्सा देना होगा, जिससे न्यूनतम 6 मीटर की आंतरिक सड़क और 9 मीटर की पहुंच सड़क सुनिश्चित की जा सके। पुनर्निर्माण और विकास के नियमों में भी शर्तें रखी गई हैं कि अगर कोई मकान दोबारा बनाया जाता है तो सड़क चौड़ीकरण के लिए जमीन छोड़नी होगी।
हर दो महीने में होगी मैपिंग
केंद्रीय शहरी विकास एवं आवासन मंत्री मनोहर लाल ने कहा कि दिल्ली में 1521 कालोनियों को नियमित किया गया है। दिल्ली में अवैध कालोनियों पर अंकुश लगाने के लिए इनफोर्समेंट को मजबूत किया जा रहा है। हर दो महीने में मैपिंग होगी। मैपिंग भी थ्री-डी होगी, जिसमें एक इंच अवैध निर्माण की भी जानकारी होगी। यदि किसी ने अवैध निर्माण किया है तो उसे तोड़ा भी जाएगा। यदि किसी कालोनी में आरडब्ल्यूडीए रि-डिवेलपमेंट की मांग करती है तो उसमें सरकारी सुविधाएं मुहैया करवाई जाएंगी। वहीं कालोनियों में स्वास्थ्य सेवाओं के साथ नागरिकों की सुरक्षा भी प्राथमिकता रहेगी।
दिल्ली में बुनियादी सुविधाओं के विकास का रास्ता हुआ साफ
मनोहर लाल ने कहा कि यह फैसला केवल स्वामित्व अधिकार देने तक सीमित नहीं है, बल्कि कॉलोनियों को पूरी तरह से शहरी मुख्यधारा में शामिल करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। इससे न केवल लोगों को कानूनी सुरक्षा मिलेगी, बल्कि भविष्य में बेहतर बुनियादी सुविधाओं के विकास का रास्ता भी साफ होगा।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2019 में शुरू की गई पीएम उदय योजना के तहत अनधिकृत कॉलोनियों के निवासियों को संपत्ति अधिकार देने की पहल की गई थी। इस योजना के अंतर्गत अब तक करीब 40 हजार कन्वेयंस डीड और ऑथराइजेशन स्लिप जारी की जा चुकी हैं। बावजूद इसके, लेआउट प्लान स्वीकृत न होने के कारण लोग अपने भवनों के नक्शे पास नहीं करा पा रहे थे, जो इस पूरी प्रक्रिया में सबसे बड़ी बाधा बनकर सामने आई। सरकार ने इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए अब बड़ा बदलाव किया है।