चंडीगढ़, 02 अप्रैल, 2026: आगामी जनगणना कार्य से संबंधित तैयारियों एवं प्रमुख एजेंडा बिंदुओं की समीक्षा हेतु उपायुक्त, यूटी चंडीगढ़ की अध्यक्षता में सभी संबंधित हितधारकों के साथ एक बैठक आयोजित की गई। उपायुक्त ने जनगणना के महत्व पर बल देते हुए कहा कि यह देश की सबसे महत्वपूर्ण गतिविधियों में से एक है, जो साक्ष्य-आधारित नीतिनिर्माण एवं योजना निर्माण की आधारशिला है। जनगणना के आंकड़ों की सटीकता और विश्वसनीयता का सीधा प्रभाव विभिन्न सरकारी नीतियों, कल्याणकारी योजनाओं एवं विकासात्मक पहलों के निर्माण पर पड़ता है।
बैठक के दौरान फील्ड मशीनरी की तैयारियों, समय-सीमा तथा संचालन रणनीतियों पर विस्तृत चर्चा की गई, ताकि इस प्रक्रिया का सुचारू संचालन सुनिश्चित किया जा सके। डेटा संग्रहण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले गणनाकर्ताओं (एन्यूमरेटर) के क्षमता निर्माण पर विशेष ध्यान दिया गया।
उपायुक्त ने निर्देश दिए कि गणनाकर्ताओं को उच्च गुणवत्ता का प्रशिक्षण प्रदान किया जाना अत्यंत आवश्यक है, जिससे डेटा की सटीकता, एकरूपता एवं पूर्णता सुनिश्चित हो सके। इसके लिए सभी परिचालन, तकनीकी एवं व्यावहारिक पहलुओं को समाहित करते हुए व्यापक एवं संरचित प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए जाएं। साथ ही, गणनाकर्ताओं को उनकी जिम्मेदारियों के प्रति संवेदनशील बनाने एवं प्रक्रियाओं की उचित समझ प्रदान करने पर भी जोर दिया गया।