चंडीगढ़, 31 मार्च 2026: केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ की चंडीगढ़ पीड़ित सहायता योजना, 2018 अपराध के पीड़ितों के लिए एक संवेदनशील जीवनरेखा के रूप में कार्य कर रही है, जो न केवल आर्थिक सहायता प्रदान करती है, बल्कि उन्हें गरिमा, सहारा और पुनर्वास का मार्ग भी उपलब्ध कराती है। यह योजना दंड प्रक्रिया संहिता, 1973 की धारा 357ए (अब भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता के प्रासंगिक प्रावधानों के अनुरूप) के तहत अधिसूचित की गई थी और माननीय सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुपालन में लागू की गई है, ताकि गंभीर अपराधों के पीड़ितों को त्वरित और सार्थक सहायता सुनिश्चित की जा सके।
यह पीड़ित-केंद्रित पहल यौन उत्पीड़न, बलात्कार, अम्ल हमले, पोक्सो अधिनियम के अंतर्गत अपराध, भीड़ हिंसा/लिंचिंग, गंभीर चोट, जलने की घटनाएं, मृत्यु तथा अन्य जघन्य अपराधों के मामलों में पीड़ितों और उनके आश्रितों को व्यापक सहायता प्रदान करती है। योजना की प्रमुख विशेषताओं में एक समर्पित पीड़ित मुआवजा कोष की स्थापना शामिल है, जिसे भारत सरकार के अनुदान, कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) योगदान, जन दान तथा न्यायालयों द्वारा लगाए गए जुर्मानों से वित्तपोषित किया जाता है। योजना के अंतर्गत तत्काल चिकित्सा, आपातकालीन और पुनर्वास आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए अंतरिम राहत का भी प्रावधान है।
योजना के अंतर्गत मुआवजा राशि ₹1 लाख से ₹10 लाख तक निर्धारित है, जो चोट या हानि की प्रकृति और गंभीरता पर निर्भर करती है। अम्ल हमले के पीड़ितों के लिए विशेष त्वरित प्रावधान किए गए हैं, जिनमें 15 दिनों के भीतर ₹1 लाख की अंतरिम सहायता तथा ₹10 लाख तक अतिरिक्त मुआवजा शामिल है।
योजना के तहत मुआवजा सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में हस्तांतरित किया जाता है। नाबालिगों, अनाथों और अन्य कमजोर वर्गों के लिए दीर्घकालिक सुरक्षा सुनिश्चित करने हेतु सावधि जमा (एफडी) जैसे प्रावधान भी किए गए हैं। इसके अतिरिक्त, यदि कोई पीड़ित दिए गए मुआवजे से असंतुष्ट हो, तो उसे अपील करने का अधिकार भी प्रदान किया गया है।
मुआवजा संरचना (योजना दिशा-निर्देशों के अनुसार):
• मृत्यु, बलात्कार एवं अप्राकृतिक यौन उत्पीड़न: ₹5 लाख से ₹10 लाख
• चोट के मामले (गंभीर/साधारण): अधिकतम ₹5 लाख
• जलने के मामले: ₹2 लाख से ₹8 लाख
• अम्ल हमले के मामले: ₹3 लाख से ₹10 लाख (निरंतर चिकित्सा एवं पुनर्वास सहायता सहित)
• मानव तस्करी के पीड़ितों के पुनर्वास हेतु: अधिकतम ₹10 लाख
ये प्रावधान राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नाल्सा) की 2018 की मुआवजा योजना के अनुरूप हैं, जो एक प्रगतिशील और पीड़ित-अनुकूल दृष्टिकोण सुनिश्चित करते हैं।
इसके अतिरिक्त, सामाजिक कल्याण, महिला एवं बाल विकास विभाग, चंडीगढ़ प्रशासन द्वारा 17.02.2026 को जारी अधिसूचना (01.04.2026 से प्रभावी) के माध्यम से चंडीगढ़ प्रशासन विकलांग व्यक्तियों के लिए पेंशन नियम, 1999 के तहत अम्ल हमले के पीड़ितों के लिए ₹10,000 प्रति माह की वित्तीय सहायता का प्रावधान भी किया गया है।