चंडीगढ़, 22 मई। कोरोना के कारण बीच में अटके हरियाणा की सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी के संगठनात्मक चुनावों की प्रक्रिया अब दोबारा जल्द शुरू होगी। प्रदेशाध्यक्ष की दौड़ में शामिल भाजपा के नेताओं ने लॉकडाउन छूट मिलने के बाद जहां दिल्ली दरबार में अपनी सक्रियता बढ़ा दी है वहीं जिला अध्यक्ष के लिए भी भागदौड़ शुरू हो चुकी है।
हरियाणा की सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी ने इस साल जनवरी माह के दौरान संगठनात्मक चुनाव की प्रक्रिया शुरू की थी। जिसके चलते पार्टी ने सक्रिय कार्यकर्ता, पन्ना प्रमुख तथा बूथ प्रमुखों का चुनाव किया। इसके बाद फरवरी माह के दौरान मंडल अध्यक्षों की चुनाव प्रक्रिया भी पूरी हो गई। पार्टी नेतृत्व द्वारा जिला अध्यक्षों की चुनाव प्रक्रिया पूरी कर ली गई। इसके लिए जिला स्तर पर सभी दावेदारों के बारे में कार्यकर्ताओं से फीडबैक लिया गया और लगभग सभी जिलों से अध्यक्षों के नाम भी फाइनल हो गए।
इस बीच 17 मार्च को हरियाणा में कोरोना का पहला मामला सामने आया और 23 मार्च से लॉकडाउन हो गया। लॉकडाउन के चलते सभी नेता अपने-अपने घरों तक सीमित हो गए और पार्टी का संगठन चुनाव टल गया। जिला अध्यक्षों के चुनाव की प्रक्रिया तो पूरी हो चुकी है लेकिन घोषणा अभी तक नहीं हुई है। अब लॉकडाउन में छूट मिलने के बाद प्रदेश में फिर से राजनीतिक सक्रियता बढ़ गई है। अध्यक्ष पद की दौड़ में शामिल पूर्व मंत्री ओम प्रकाश धनखड़, भाजपा सांसद नायब सैनी तथा वर्तमान अध्यक्ष सुभाष बराला ने फिर लॉबिंग शुरू कर दी है।
भाजपा ने प्रदेशाध्यक्ष के साथ-साथ संघ के कोटे से आने वाले संगठन मंत्री पद पर भी बदलाव की तैयारी कर ली है। निवर्तमान संगठन मंत्री सुरेश भट्ट के विदा होने के बाद इस पद हरियाणा में संघ के विभाग प्रचारक के रूप में सक्रिय एक नेता तथा एक अन्य बाहरी नेता प्रबल दावेदार हैं। पार्टी नेतृत्व द्वारा दोनों में से किसी एक नाम को जल्द ही फाइनल किया जा सकता है।