चंडीगढ़, 20 मार्च 2026: केंद्र शासित प्रदेश बाल संरक्षण सोसायटी (UTCPS), सामाजिक कल्याण, महिला एवं बाल विकास विभाग, चंडीगढ़ प्रशासन के तत्वावधान में, चंडीगढ़ इंस्टीट्यूट फॉर ट्रांसफॉर्मेशन, योजना एवं वित्त विभाग के सहयोग से, स्कूलों एवं बाल देखभाल संस्थानों (CCI) के बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य विषय पर काउंसलरों हेतु एक प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन यू.टी. स्टेट गेस्ट हाउस, सेक्टर-6, चंडीगढ़ में किया गया। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में यू.टी., चंडीगढ़ के स्कूलों एवं बाल देखभाल संस्थानों में कार्यरत 61 काउंसलरों ने भाग लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य काउंसलरों की मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समझ को बढ़ाना, जागरूकता का विस्तार करना तथा बच्चों के प्रति अधिक संवेदनशील और सक्षम प्रतिक्रिया देने की क्षमता को सुदृढ़ करना था।
कार्यक्रम में मुख्य वक्तव्य डॉ. पालिका अरोड़ा, पीसीएस, निदेशक, सामाजिक कल्याण, महिला एवं बाल विकास विभाग, चंडीगढ़ प्रशासन द्वारा दिया गया। इस अवसर पर क्षेत्र के विशेषज्ञों में जीएमसीएच-32 से डॉ. करुणा सिंह (प्ले थेरेपिस्ट) एवं डॉ. मनरीत (क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट), सुश्री बिस्मन आहूजा (प्रोग्राम मैनेजर, UTCPS), श्री एम.एस. कांग (सोशल सेफ्टी एवं प्रोटेक्शन एक्सपर्ट) तथा श्री भूपिंदर भारद्वाज (ऑपरेशन एक्सपर्ट), चंडीगढ़ इंस्टीट्यूट फॉर ट्रांसफॉर्मेशन उपस्थित रहे।
अपने मुख्य वक्तव्य में डॉ. पालिका अरोड़ा ने कहा कि वर्तमान समय में बच्चों को परीक्षा तनाव, चिंता एवं सामाजिक दबाव जैसी बढ़ती मानसिक चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है, जो अक्सर व्यवहार संबंधी समस्याओं के रूप में सामने आती हैं। उन्होंने बताया कि इस प्रशिक्षण के अंतर्गत तैयार किए जा रहे काउंसलर “मास्टर ट्रेनर” के रूप में कार्य करेंगे और स्कूलों एवं सीसीआई में शिक्षकों एवं अन्य हितधारकों को प्रशिक्षित कर बच्चों की समस्याओं की समय रहते पहचान सुनिश्चित करेंगे। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि काउंसलरों की भूमिका एक संवेदनशील श्रोता के रूप में अत्यंत महत्वपूर्ण है तथा समय पर पहचान और हस्तक्षेप बच्चों में आत्मविश्वास, लचीलापन एवं समग्र विकास को बढ़ावा देने में सहायक होता है। कार्यक्रम के अंतर्गत विशेषज्ञ सत्रों का आयोजन भी किया गया। डॉ. करुणा सिंह, प्ले थेरेपिस्ट, मनोचिकित्सा विभाग, जीएमसीएच-32 ने बाल एवं किशोर मानसिक विकारों, उनके लक्षण, कारण, जोखिम एवं सुरक्षा कारकों तथा प्रबंधन पर विस्तार से जानकारी दी। वहीं, डॉ. मनरीत, क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट ने काउंसलरों के लिए परामर्श एवं हस्तक्षेप रणनीतियों पर सत्र लिया, जिसमें समूह चर्चा एवं रोल प्ले भी शामिल थे।