चंडीगढ़। कोरोना के चलते हरियाणा सरकार जहां आयुष विभाग के माध्यम से देसी नुस्खों का प्रचार किया जा रहा है वहीं आयुर्वेदिक और होम्योपैथिक दवाओं का चलन फिर से बढ़ गया है। इसी कड़ी के बीच इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ होम्योपॅथिक फिजिशियनस की हरियाणा इकाई ने बुधवार को चंडीगढ़ में हरियाणा के गृहसचिव विजय वर्धन तथा जेल विभाग के महानिदेशक के.सेल्वराज से मुलाकात करके जेलों में बंद सभी कैदियों तथा जेल स्टॉफ व उनके परिजनों के लिए कोरोना से लडऩे की दवा मुफ्त दी है।
प्रदेश यूनिट के अध्यक्ष डॉ़ विनोद सांगवान ने बुधवार को चंडीगढ़ में गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव विजय वर्धन से मुलाकात करके जेलों में बंद 18 हजार कैदियों/बंदियों के अलावा 7 हजार जेल स्टॉफ व उनके परिजनों के लिए मुफ्त में दवाई सौंपी। इस दौरान डीजीपी (जेल) के़ सेल्वराज तथा सुनारियां (रोहतक) के जेल अधीक्षक सुनील सांगवान भी मौजूद रहे। एसोसिसएशन के डॉ. हरप्रकाश शर्मा, डॉ. उमेशकांत खन्ना, डॉ. निर्मल तेज सिंह सोढ़ी भी इस दौरान साथ रहे।
गृह सचिव ने जेल विभाग के महानिदेशक को कहा कि दवाइयों की कीमत अदा की जाए लेकिन एसोसिएशन ने कहा कि उन्होंने जेल विभाग को मुफ्त ही यह दवा देने का फैसला लिया है। दवा वितरण के लिए प्रदेश को जोन में बांटा गया है। कुरुक्षेत्र, कैथल, अंबाला व यमुनानगर जेल के कैदियों व स्टॉफ के लिए दवा का वितरण कुरुक्षेत्र से होगा। रोहतक से सुनारियां जेल के अलावा सोनीपत, पानीपत, करनाल, झज्जर, गुरुग्राम, फरीदाबाद, पलवल व रेवाड़ी जेल में दवा पहुंचाई जाएगी। हिसार से हिसार, जींद व सिरसा में दवा उपलब्ध होगी। नारनौल व भिवानी की जेलों में दवा का प्रबंध भिवानी जेल से होगा।
कोरोना से लडऩे के लिए बनाई गई इस दवा का नाम अर्सेनिक एल्बम-30 रखा गया है। होम्योपैथी की एक शीशी में इतनी गोलियां हैं कि परिवार के चार सदस्यों का काम आसानी से चल सकता है। व्यस्क को चार, 6 से 15 वर्ष तक के बच्चों को 3 और छह वर्ष से कम उम्र के बच्चों को लगातार तीन दिन रोजाना 2 गोलियां लेनी हैं। सुबह खाली पेट ये गोलियां लेनी होगी। गोली खाने के आधा घंटा पहले और आधा घंटा बाद कुछ खाना या पीना नहीं है। बहुत जरूरी है तो पानी पी सकते हैं। अहम बात यह है कि इन गोलियों को चबाने या निगलने की बजाय चूसकर खत्म करना है।