चंडीगढ़:- वर्तमान भू-राजनीतिक परिस्थितियों के चलते भारत में ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित हुई है, जिसके परिणामस्वरूप देश में पेट्रोलियम उत्पादों की आपूर्ति पर असर पड़ा है। इसी कारण एलपीजी की उपलब्धता में कुछ सीमाएँ देखी गई हैं। यह स्पष्ट किया जाता है कि घरेलू क्षेत्र में आपूर्ति की कोई कमी नहीं है। हालांकि, खपत में थोड़ी वृद्धि हुई है, जिसका कारण कुछ स्थानों पर घबराहट में की गई खरीद (पैनिक बाइंग) हो सकता है। तेल विपणन कंपनियों ने प्रशासन को अवगत कराया है कि वे दैनिक आवश्यकताओं को पूरा करने हेतु पर्याप्त भंडार बनाए हुए हैं।
जहां तक वाणिज्यिक एलपीजी सिलेंडरों की आपूर्ति का संबंध है, भारत सरकार ने इसे औसत मासिक बिक्री के 20% तक सीमित किया है। इस संदर्भ में राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को आवश्यक सेवाओं के निर्बाध संचालन को सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। यूटी चंडीगढ़ द्वारा अस्पतालों, शैक्षणिक संस्थानों तथा जरूरतमंदों के आश्रय गृहों में सेवाओं को सुचारु रूप से बनाए रखा जा रहा है। घरेलू एलपीजी के दुरुपयोग को रोकने तथा डबल स्टॉकिंग और अधिक मूल्य वसूली पर नियंत्रण के लिए खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के क्षेत्रीय निरीक्षकों तथा तेल विपणन कंपनियों को अपने-अपने क्षेत्रों में सतत निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं।एलपीजी सिलेंडरों की जमाखोरी या कालाबाजारी को रोकने हेतु आवश्यक होने पर कालाबाजारी निवारण एवं आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति बनाए रखने अधिनियम, 1980 तथा आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 के प्रावधान लागू किए जा सकते हैं।