चंडीगढ़, 10 मार्च: चंडीगढ़ ने 99.93 प्रतिशत साक्षरता दर प्राप्त कर एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है और इसके साथ ही यह पूर्ण साक्षर केंद्र शासित प्रदेश बन गया है। इस उपलब्धि का उत्सव मनाने के लिए चंडीगढ़ प्रशासन के शिक्षा विभाग द्वारा उल्लास-नव साक्षरों का अलंकरण समारोह आयोजित किया गया, जिसमें नव-साक्षर नागरिकों को उनकी उपलब्धि के लिए सम्मानित किया गया। इस कार्यक्रम में पंजाब के राज्यपाल एवं यू.टी. चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे, जबकि एच. राजेश प्रसाद, मुख्य सचिव, यू.टी. चंडीगढ़ विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए। समारोह में नव-साक्षरों के प्रयासों को सराहा गया और सशक्त समाज के निर्माण में शिक्षा के महत्व को रेखांकित किया गया।
इस अवसर पर अपने संबोधन में राज्यपाल ने इसे चंडीगढ़ के लिए एक ऐतिहासिक क्षण बताया। उन्होंने कहा कि उल्लास के अंतर्गत प्राप्त यह सफलता शहर को राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 द्वारा निर्धारित 95 प्रतिशत साक्षरता मानक से भी आगे ले गई है। इस उपलब्धि के साथ चंडीगढ़ देश का छठा राज्य/UT तथा दूसरा केंद्र शासित प्रदेश बन गया है जिसने पूर्ण साक्षरता का दर्जा प्राप्त किया है।
कटारिया ने बताया कि चंडीगढ़ की साक्षरता दर 93.7 प्रतिशत से बढ़कर 99.93 प्रतिशत हो गई है। इस कार्यक्रम में 15,556 नागरिकों ने भाग लिया, जिनमें से 14,711 ने साक्षरता मूल्यांकन सफलतापूर्वक उत्तीर्ण किया। उन्होंने महिलाओं की साक्षरता दर में 90.7 प्रतिशत से बढ़कर 99.89 प्रतिशत तक हुई उल्लेखनीय वृद्धि को महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। राज्यपाल ने इस उपलब्धि का श्रेय चंडीगढ़ प्रशासन, शिक्षा विभाग, शिक्षकों, स्वयंसेवकों, गैर-सरकारी संगठनों तथा सामाजिक संस्थाओं के सामूहिक प्रयासों को दिया, जिन्होंने निरक्षर नागरिकों तक पहुँचने के लिए निरंतर कार्य किया। उन्होंने उन नव-साक्षरों को भी बधाई दी जिन्होंने इस कार्यक्रम के माध्यम से शैक्षणिक ज्ञान के साथ-साथ डिजिटल साक्षरता भी प्राप्त की।