चंडीगढ़, 8 मार्च : प्रख्यात लेखक डा. विक्रमजीत द्वारा लिखित विचारोत्तेजक पुस्तक “द फैंटेसी ऑफ डाइंग” का भव्य विमोचन रविवार को चंडीगढ़ प्रेस क्लब, सेक्टर-27 में आयोजित एक गरिमामयी समारोह के दौरान किया गया। कार्यक्रम में साहित्य, शिक्षा, चिकित्सा तथा सामाजिक क्षेत्रों से जुड़े अनेक प्रतिष्ठित व्यक्तियों ने भाग लिया और समारोह को यादगार बना दिया। इस पुस्तक का औपचारिक विमोचन मुख्य अतिथि आईआरएस राकेश गोयल, चेयरमैन, रियल एस्टेट विनियामक प्राधिकरण (रेरा) द्वारा किया गया। इस अवसर पर उपस्थित विशिष्ट अतिथियों, साहित्य प्रेमियों और बुद्धिजीवियों ने लेखक को बधाई देते हुए कहा कि यह कृति जीवन और मृत्यु जैसे गूढ़ विषयों पर गहन चिंतन प्रस्तुत करती है।
जीवन और मृत्यु के दर्शन को नई दृष्टि देती है “द फैंटेसी ऑफ डाइंग”
“द फैंटेसी ऑफ डाइंग” जीवन और मृत्यु के दार्शनिक पहलुओं तथा मानवीय संवेदनाओं को नए दृष्टिकोण से प्रस्तुत करती है। पुस्तक पाठकों को आत्ममंथन के लिए प्रेरित करती है और जीवन के वास्तविक अर्थ को समझने की दिशा में सोचने का अवसर प्रदान करती है। यह कृति लेखक डॉ. विक्रमजीत के साहित्यिक सफर का एक महत्वपूर्ण पड़ाव मानी जा रही है। इस पुस्तक का प्रकाशन सेल्फीपेज डेवेलपर्स द्वारा किया गया है। समारोह के दौरान जसविंदर बिट्टा ने स्वागत भाषण देते हुए लेखक डा. विक्रमजीत का परिचय कराया और मुख्य अतिथि सहित सभी गणमान्य अतिथियों का स्वागत किया। कार्यक्रम में राम तीर्थ जिंदल (सेवानिवृत्त भारतीय प्रशासनिक सेवा अधिकारी) ने भी अपने विचार साझा किए। पुस्तक की विषयवस्तु पर डा. सुखविंदर सिंह तथा प्रो. अंशु जिंदल ने अपने संक्षिप्त लेकिन सारगर्भित विचार रखे। इस अवसर पर डा. तजिंदर कौर धालीवाल, पूर्व अध्यक्ष पंजाब स्कूल एजुकेशन बोर्ड ने पुस्तक के विषय चयन की सराहना करते हुए कहा कि लेखक ने जीवन के अत्यंत संवेदनशील और दार्शनिक पहलू को सरल शब्दों में प्रस्तुत करने का साहसिक प्रयास किया है। वहीं मुख्य अतिथि राकेश गोयल ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि प्रकृति में भी कई जीव अपने अंतिम समय में ऐसे स्थान चुनते हैं जहां वे सुरक्षित रह सकें, यह जीवन और मृत्यु के रहस्य को समझने का एक अलग दृष्टिकोण प्रदान करता है।