चंडीगढ़। पीएचडी चैंबर ऑफ कामर्स एंड इंडस्ट्री द्वारा उद्योग विभाग चंडीगढ़ प्रशासन के सहयोग से रेजिंग एंड एक्सेल रेटिंग परफॉर्मेंस प्रोग्राम सीरीज के तहत कंप्लायंस, डिजिटल एक्सपेंशन और सस्टेनेबिलिटी के ज़रिए एमएसएमई प्रतिस्पर्धात्मकता को मजबूत करने पर जागरूकता सत्र का आयोजन किया गया।
यह सत्र क्षमता निर्माण, बेहतर प्रतिस्पर्धात्मक और सतत विकास पर गाइडेंस देकर एमएसएमई इकोसिस्टम को मजबूत करने पर फोकस था।
पीएचडीसीसीआई चंडीगढ़ चेप्टर के चेयर रजनीश बंसल ने एमएसएमई को मजबूत बनाने में रैंप प्रोग्राम के महत्व पर ज़ोर दिया। उन्होंने बताया कि यह पहल उद्योंगों को सरकारी योजनाओं का असरदार तरीके से फायदा उठाने, नई टेक्नोलॉजी अपनाने और सतत विकास में कैसे मदद मिलती है।
रैंप कार्यक्रम के जरिए उद्यमियों को एमएसएमई योजनाओं के बारे में बताया
पीएचडीसीसीआई की सीनियर रीजनल डायरेक्टर सुश्री भारती सूद ने कहा कि चैंबर द्वारा उद्योग विभाग के सहयोग इस तरह के नियमित आयोजन किए जा रहे हैं।
सुश्री युक्ता बागड़ी, प्रोडक्ट मैनेजर सप्लाई चेन और मार्केटप्लेस सिस्टम (नून, एक्स-ब्लिंकिट) ने ई-कॉमर्स के जरिए एमएसएमई की पहुँच बढ़ाने के महत्व पर ज़ोर दिया। सीएस विशाल अरोड़ा ने समय पर कानूनी फाइलिंग, सही डॉक्यूमेंटेशन और लेबर, टैक्स और कॉर्पोरेट कानूनों का पालन करने जैसी जरूरतों पर ज़ोर दिया।
आईसीआईसीआई लोम्बार्ड के सीनियर मैनेजर राहुल मित्तल ने इंश्योरेंस सॉल्यूशन के ज़रिए एमएसएमई को मजबूत करने की अहमियत के बारे में बताया।