चंडीगढ़। चंडीगढ़ प्रशासन के उद्योग विभाग के सहयोग से पीएचडी चैंबर ऑफ कामर्स एंड इंडस्ट्री द्वारा चलाई जा रही रैंप श्रृंखला के अंतर्गत ‘वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए एमएसएमई विकास को गति’ विषय पर सत्र आयोजित किया। पीएचडीसीसीआई की क्षेत्रीय एनसीएलटी और कॉर्पोरेट मामलों की समिति के संयोजक, सीएस राहुल जोगी ने भारत के आर्थिक विकास और रोजगार सृजन में एमएसएमई की भूमिका पर बोलते हुए कहा कि एमएसएमई को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने में मदद करने के लिए नई तकनीक, वित्तीय साक्षरता और गुणवत्ता वृद्धि पर ध्यान देने की जरूरत है।
पीएचडीसीसीआई ने यूटी उद्योग विभाग की रैंप श्रृंखला के अंतर्गत किया सत्र का आयोजन
पीएचडीसीसीआई की वरिष्ठ क्षेत्रीय निदेशक सुश्री भारती सूद ने अपने उद्घाटन भाषण में कहा कि रैंप पहल एमएसएमई के बीच जागरूकता को मजबूत करने और प्रतिस्पर्धात्मकता को बढ़ावा देने के लिए एक उत्कृष्ट मंच के रूप में कार्य करती है, विशेष रूप से उभरते क्षेत्रों में। सत्र के दौरान क्यू सॉल्यूशंस ग्रुप के अंकुर धीर ने बताया कि कैसे गुणवत्ता प्रबंधन मानकों को अपनाने से एमएसएमई को घरेलू और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्पादकता, ग्राहक विश्वास और बाजार पहुंच में सुधार करने में मदद मिलती है। ब्रांड और मार्केटिंग रणनीतिकार सुश्री जाह्नवी सिंह ने डिजिटल मार्केटिंग में एआई के बढ़ते महत्व पर जोर दिया।
क्रेस्ट के सहायक परियोजना प्रबंधक, भूपिंदर सैनी ने लागत में कमी और एमएसएमई की वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता में योगदान देने में नवीकरणीय ऊर्जा की भूमिका पर जानकारी दी। सत्र का समापन एक इंटरैक्टिव प्रश्नोत्तर सत्र के साथ हुआ, जहाँ प्रतिभागियों ने योजना कार्यान्वयन, वित्तीय चुनौतियों और टिकाऊ एवं डिजिटल तकनीकों को अपनाने पर मार्गदर्शन प्राप्त करने के लिए विशेषज्ञों के साथ सक्रिय रूप से बातचीत की।