चंडीगढ़। भारत सरकार के रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय के औषधि विभाग के सहयोग से पीएचडी चैंबर ऑफ कामर्स एंड इंडस्ट्री की स्वास्थ्य समिति और चंडीगढ़ चेप्टर ने सिटी ब्यूटीफुल में गुड मैन्यूफैक्चरिंग प्रैक्टिस के माध्यम से औषधि गुणवत्ता आश्वासन में वृद्धि विषय पर एक राष्ट्रीय सम्मेलन और संशोधित औषधि प्रौद्योगिकी उन्नयन सहायता योजना (आरपीटीयूएएस) पर एक विशेष सत्र का आयोजन किया गया।
सरकारी योजनाओं को अपनाकर वैश्विक गुणवत्ता मानकों को लागू करें फार्मा कंपनियां: धर्मेंद्र यादव
स्वागत भाषण में पीएचडीसीसीआई की क्षेत्रीय औषधि, स्वास्थ्य एवं कल्याण समिति के संयोजक, सुप्रीत सिंह ने उद्योग और रैगुलेटरी निकायों के बीच अनुपालन और सहयोग की संस्कृति को बढ़ावा देने के महत्व पर बल दिया। पंजाब के सहायक औषधि आयुक्त,अमित दुग्गल ने नियामक निगरानी बढ़ाने और निर्माताओं को वैश्विक जीएमपी प्रथाओं को अपनाने के लिए प्रोत्साहित करने हेतु राज्य द्वारा की जा रही वर्तमान पहलों के बारे में बताया।
हरियाणा के राज्य औषधि नियंत्रक ललित गोयल ने एमएसएमई फार्मा इकाइयों के लिए राज्य के बेहतर माहौल पर चर्चा की और प्रशिक्षण एवं जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से क्षमता वृद्धि हेतु सहयोग को प्रोत्साहित किया। भारत सरकार के औषधि विभाग के अवर सचिव धर्मेंद्र कुमार यादव ने पीएलआई और आरपीटीयूएएस योजनाओं सहित राष्ट्रीय नीतिगत पहलों का अवलोकन प्रस्तुत किया और भारतीय फार्मा निर्माताओं को वैश्विक गुणवत्ता मानकों के अनुरूप लाने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता की पुष्टि की।
आईपीए पंजाब के अध्यक्ष डॉ.भूपिंदर सिंह भूप ने अपने संबोधन में जीएमपी मानकों को मजबूत करने में शिक्षा जगत और उद्योग जगत के बीच साझेदारी के बारे में जानकारी दी। सिडबी के प्रबंधक यशवंत शिंदे ने आरपीटीयूएएस योजना पर एक गहन प्रस्तुति दी, जिसमें उन्होंने योजना के वित्तीय सहायता ढांचे, पात्रता मानदंडों सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने के तरीकों के बारे में बताया। पीएचडीसीसीआई की वरिष्ठ क्षेत्रीय निदेशक सुश्री भारती सूद ने धन्यवाद ज्ञापन दिया, जिसमें उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया। प्रभावी जीएमपी कार्यान्वयन के लिए आधार और रणनीतियां नामक तकनीकी सत्र की अध्यक्षता नाईपर मोहाली के पूर्व डीन और विभागाध्यक्ष डॉ. सरनजीत सिंह ने की। इस अवसर पर आयोजित पैनल चर्चा में सुनील वर्मा, निदेशक, हारोम इंडिया प्राइवेट लिमिटेड, जगदीप सिंह, अध्यक्ष, पंजाब ड्रग मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन, नीरज गिरी, एमडी, वोइज़मेड ग्रुप ऑफ़ कंपनीज़, डॉ. प्रदीप मट्टू, एमडी, कॉस्मो ट्रेंड्स,सुश्री वैशाली अग्रवाल, निदेशक, स्कॉट-एडिल समेत कई गणमान्यों ने भाग लिया।