चंडीगढ़। केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री चिराग पासवान ने कहा है कि आईपीएस वाई पूरन कुमार के घटनाक्रम ने समाज की उन कुरीतियों को उजागर किया है जिनमें यह दर्शाया गया है कि 21वीं सदी में भी जाति व मजहब के नाम पर भेदभाव हो रहा है। चिराग पासवान मंगलवार को चंडीगढ़ पहुंचे और उन्होंने वाई पूरन कुमार की पत्नी अमनीत पी कुमार तथा परिवार के अन्य सदस्यों के साथ मुलाकात की। इसके बाद मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि चंडीगढ़ में हुए घटनाक्रम में होने वाली कार्रवाई देश के लिए नजीर बनेगी।
21वीं सदी में भी जाति व मजहब के नाम पर हो मतभेद: चिराग पासवान
केंद्रीय मंत्री ने वाई पूरन कुमार के परिवार से की मुलाकात
चिराग पासवान ने कहा कि उन्होंने मुख्यमंत्री नायब सैनी को पत्र लिखा और बात की है। इस मामले में जितने भी आरोपी हैं अगर वह दोषी साबित होते हैं उन्हें कानूनन सजा मिलेगी। सरकार की तरफ से परिवार की मांगों पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि चंडीगढ़ की इस घटना ने यह बताया कि पुलिस विभाग में आला पदों पर किस तरह से जातिगत भेदभाव हो रहा है। चिराग पासवान ने खुद को परिवार के साथ जोड़ते हुए कहा कि इस मामले में अगर प्रभावशाली व्यक्तियों के विरूद्ध कार्रवाई नहीं हुई तो कोई दलित परिवार अपने बच्चों को आईएएस व आईपीएस की तरफ नहीं भेजेगा।