चंडीगढ़। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कहा है कि आत्महत्या करने वाले आईपीएस अधिकारी वाई पूरन कुमार लंबे समय से दबाव में थे। वाई सिस्टेमैटिक भेदभाव का शिकार हो रहे थे। राहुल गांधी मंगलवार को चंडीगढ़ पहुंचे और वाई पूरन कुमार की पत्नी अमनीत पी कुमार व उनकी बेटियों के साथ मुलाकात की। इस मुलाकात के दौरान हरियाणा के नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा, कांग्रेस अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह, सांसद कुमारी सैलजा, वरूण चौधरी, दीपेंद्र सिंह हुड्डा समेत कई नेता मौजूद थे।
पूरन कुमार के परिवार से किए वादों को पूरा करे सरकार: राहुल गांधी
नेता प्रतिपक्ष ने की अमनीत पी कुमार व परिजनों से मुलाकात
हरियाणा सरकार तुरंत कठोर कार्रवाई करे
परिवार से मुलाकात के बाद राहुल गांधी ने मीडिया से बातचीत में कहा कि वाई पूरन कुमार का मनोबल गिराने और उन्हें डैमेज करने के लिए दूसरे अधिकारी सिस्टेमेटिक तरीके से काम करते रहे। राहुल ने कहा कि यह एक परिवार का मामला नहीं है। देश के करोड़ों दलित भाई-बहनों में इससे गलत मैसेज जा रहा है। देशभर के दलितों में यह मैसेज जा रहा है कि वे कितने ही उच्च मानसिक क्षमता वाले, योग्य और कामयाब क्यों न हों, अगर वे दलित हैं तो उन्हें दबाया जा सकता है। उन्हें कुचला जा सकता है। राहुल गांधी ने कहा कि इसे किसी भी सूरत में सहन नहीं किया जा सकता। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को सीधा संदेश देते हुए राहुल गांधी ने कहा कि सरकार ने बेटियों को जो आश्वासन दिया है, उसे पूरा की कीजिए।
उन्होंने कहा कि सरकार अब तमाशा बंद करे। उन्होंने कहा कि मैं नेता प्रतिपक्ष होने के नाते प्रधानमंत्री और हरियाणा के मुख्यमंत्री को यह मैसेज देना चाहता हूं कि तुरंत कार्रवाई करें। परिवार पर जो दबाव है, उसे तुरंत हटाया जाए। अमनीत पी. कुमार कार्यरत आईएएस अधिकारी हैं। ऐसे में उन पर कैसे प्रेशर आ सकते हैं,यह देश समझता है और हर कोई जानता है। राहुल गांधी ने कहा कि इस मामले में तुरंत और सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। मीडिया के सवाल पर राहुल गांधी ने कहा कि दोषी अधिकारियों को तुरंत गिरफ्तार किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि सरकार तुरंत कार्रवाई शुरू करे। वाई पूरन कुमार के परिवार से हुई बातचीत से जुड़े सवाल पर राहुल ने कहा कि परिवार संदेश दे रहा है। उनकी पत्नी कह रही हैं कि पति का अपमान हुआ है। उनके करियर को खत्म करने की कोशिश हुई। इसलिए वाई पूरन कुमार ने आत्महत्या की।
राहुल ने कहा कि आईपीएस अधिकारी को मरने के बाद सम्मान मिलना चाहिए। परिवार ने दो-टूक कहा है कि अगर सम्मान नहीं दिया तो हम मानेंगे नहीं। परिवार की मांग को पूरी तरह से सही ठहराते हुए राहुल ने कहा कि यह एक परिवार की नहीं बल्कि हिंदुस्तान के हर दलित भाई-बहन के सम्मान की बात है।