उदयपुर, दो दिवसीय ‘राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के पर्यटन मंत्रियों का सम्मेलन’ 14–15 अक्तूबर को उदयपुर में आयोजित किया जा रहा है, जिसका मुख्य उद्देश्य वैश्विक मानकों के अनुरूप पर्यटन स्थलों के विकास पर केंद्रित है। इस सम्मेलन में देशभर से पर्यटन मंत्री एवं वरिष्ठ अधिकारी भाग ले रहे हैं। सम्मेलन का लक्ष्य राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के बीच सहयोग को बढ़ावा देना है ताकि माननीय प्रधानमंत्री के उस दृष्टिकोण को साकार किया जा सके जिसके तहत प्रत्येक राज्य में कम से कम एक ऐसा पर्यटन स्थल विकसित किया जाए जो विश्व स्तरीय सुविधाओं और आधारभूत ढांचे से सुसज्जित हो।
सम्मेलन में पंजाब के राज्यपाल एवं चंडीगढ़ के प्रशासक, माननीय श्री गुलाब चंद कटारिया ने गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराई। वे इस अवसर पर भारत सरकार के पर्यटन मंत्री, माननीय गजेंद्र सिंह शेखावत के साथ मंच साझा कर रहे थे। अपने संबोधन में कटारिया ने इस महत्वपूर्ण आयोजन के लिए पर्यटन मंत्रालय का आभार व्यक्त किया और राजस्थान राज्य से अपने गहरे व्यक्तिगत संबंधों का उल्लेख किया माननीय प्रशासक ने अपने संबोधन में चंडीगढ़ के विविध पर्यटन स्थलों और इसके विश्व स्तरीय पर्यटन गंतव्य के रूप में उभरने की अपार संभावनाओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि चंडीगढ़ आधुनिक शहरी नियोजन और स्थापत्य कला का उत्कृष्ट उदाहरण है तथा प्रशासन स्वच्छता और पर्यावरणीय स्थिरता के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि शहर का हरित क्षेत्र पिछले दो वर्षों में 45% से बढ़कर 51% हो गया है, जो सतत शहरी विकास की दिशा में एक नई मिसाल है।
चंडीगढ़ के प्रशासक उदयपुर में आयोजित ‘राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के पर्यटन मंत्रियों के सम्मेलन’ में हुए शामिल
पर्यटन सचिव, मनदीप सिंह ब्रार, आईएएस ने चंडीगढ़ को विश्व स्तरीय पर्यटन गंतव्य के रूप में स्थापित करने की रणनीति प्रस्तुत की, जो एकीकृत पर्यटन परिपथ (Integrated Tourism Circuit) की अवधारणा पर आधारित है। उन्होंने कैपिटल कॉम्प्लेक्स, रॉक गार्डन, सुखना झील, ले कॉर्बुज़िए सेंटर तथा सरकारी संग्रहालय एवं कला दीर्घा जैसे प्रमुख स्थलों पर अवसंरचना एवं सुविधाओं को सुदृढ़ करने की योजनाओं का उल्लेख किया। ये सभी पहल भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय के परफॉर्मेंस लिंक्ड इंसेंटिव फ्रेमवर्क के अंतर्गत की जा रही हैं। उन्होंने मंत्रालय के सहयोग से एक्ज़ीबिशन-कम-कन्वेंशन सेंटर और कॉन्सर्ट हॉल सहित एक टूरिज़्म हब विकसित करने का भी प्रस्ताव रखा। यह सम्मेलन सतत एवं जिम्मेदार पर्यटन को बढ़ावा देने, नए पर्यटन परिपथ विकसित करने और केंद्र तथा राज्यों के बीच समन्वय को सुदृढ़ करने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच के रूप में कार्य कर रहा है, ताकि भारत को एक प्रमुख वैश्विक पर्यटन गंतव्य के रूप में स्थापित किया जा सके।