चंडीगढ़, यू.टी. चंडीगढ़ के मुख्य सचिव, एच. राजेश प्रसाद, आईएएस ने आज स्कूल शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की, जिसमें प्रमुख प्रदर्शन संकेतकों (Key Performance Indicators), नीतियों के क्रियान्वयन और चल रहे शैक्षिक सुधारों की प्रगति की समीक्षा की गई। इस अवसर पर शिक्षा सचिव, सुश्री प्रेरणा पुरी, आईएएस और निदेशक, स्कूल शिक्षा, श्री हरसुहिंदर पाल सिंह बराड़, आईएएस ने साक्षरता, अवसंरचना, नवाचार तथा राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के कार्यान्वयन से संबंधित प्रगति पर विस्तृत प्रस्तुति दी।
मुख्य सचिव ने अधिगम परिणामों की सघन निगरानी के निर्देश दिए
मुख्य सचिव ने विभाग के स्कूल अवसंरचना सुदृढ़ीकरण तथा प्रशासनिक प्रणाली में सुधार के प्रयासों की विस्तारपूर्वक समीक्षा की। उन्होंने विभाग को सभी चल रहे परियोजनाओं को समय पर पूरा करने और विशेष रूप से अधिगम परिणामों (Learning Outcomes) की प्रभावी निगरानी पर ध्यान केंद्रित करने के निर्देश दिए।
समीक्षा के दौरान मुख्य सचिव ने विद्यालयों में बालिकाओं के तुलनात्मक रूप से कम नामांकन पर चिंता व्यक्त की और विभाग को सामुदायिक जागरूकता और पहुंच कार्यक्रमों को और सशक्त करने के निर्देश दिए, ताकि शिक्षा में बालिकाओं की समान भागीदारी सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने शिक्षकों के रिक्त पद शीघ्र भरने की आवश्यकता पर बल दिया, जिससे शिक्षण प्रक्रिया की निरंतरता और गुणवत्तापूर्ण अधिगम बना रहे।
मुख्य सचिव ने Foundational Literacy and Numeracy Achievement (FLA) आकलनों के माध्यम से अधिगम परिणामों का सतत मूल्यांकन सुनिश्चित करने तथा राष्ट्रीय उपलब्धि सर्वेक्षण (National Achievement Survey - NAS) में प्रदर्शन को बेहतर करने के निर्देश दिए। उन्होंने शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने हेतु नवोन्मेषी उपाय अपनाने का सुझाव देते हुए अधिगम परिणामों की निरंतर निगरानी पर बल दिया।
उन्होंने सभी विद्यार्थियों के लिए Holistic Performance Cards (HPC) लागू करने और उनकी सतत निगरानी के निर्देश दिए। साथ ही, शिक्षकों के प्रशिक्षण पर विशेष जोर देते हुए उन्होंने सभी अनिवार्य प्रशिक्षण कार्यक्रमों की 100% पूर्णता सुनिश्चित करने तथा विद्या समीक्षा केंद्र (Vidya Samiksha Kendra) के मॉड्यूल को प्रभावी ढंग से लागू करने के निर्देश दिए, विशेषकर विद्यालय से बाहर बच्चों की पहचान और विशेष आवश्यकता वाले विद्यार्थियों को दी जा रही शिक्षा के आकलन हेतु। मुख्य सचिव ने विभाग की हाल की समावेशी पहल — जैसे UDAAN परियोजना (सरकारी स्कूलों के मेधावी विद्यार्थियों को निःशुल्क कोचिंग), Adopt-A-School Mentorship Programme, और Olympic Values Education Programme (OVEP) — की भी समीक्षा की। उन्होंने विद्यालयों में, जहां संभव हो, Dome Theatre-cum-Planetarium स्थापित करने की संभावनाओं का पता लगाने के निर्देश दिए ताकि विद्यार्थियों में अनुभवात्मक अधिगम (Experiential Learning) को बढ़ावा दिया जा सके।
मुख्य सचिव ने विभाग को निर्देश दिया कि चंडीगढ़ को एक मॉडल शिक्षा केंद्र (Model Education Hub) के रूप में विकसित करने के लिए निरंतर प्रयास जारी रखें। उन्होंने यह भी कहा कि सेनिक स्कूल और हेल्थ एजुकेशन सेंटर (Government Model High School-22) की स्थापना से संबंधित परियोजनाओं, जिन्हें रोटरी इंटरनेशनल के सहयोग से क्रियान्वित किया जा रहा है, को शीघ्र पूर्ण किया जाए। बैठक के समापन पर मुख्य सचिव ने प्रशासन की इस प्रतिबद्धता को दोहराया कि चंडीगढ़ के प्रत्येक बच्चे को एक समावेशी वातावरण में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिले, जिसमें शिक्षण की गुणवत्ता और अधिगम परिणामों की सघन निगरानी पर विशेष बल दिया जाए।