चंडीगढ़। चंडीगढ़ पुलिस ने हरियाणा के आईपीएस वाई पूरन कुमार के परिवार को सुरक्षा मुहैया करवा दी है। वहीं इस मामले की जांच के लिए एसआईटी का गठन कर दिया गया है। शुक्रवार को दिन भर चंडीगढ़ में अमनीत पी कुमार का सरकारी आवास नेताओं व अधिकारियों का केंद्र बिंदु बना रहा। चंडीगढ़ पुलिस द्वारा गुरुवार की देररात एफआईआर दर्ज करके अमनीत पी कुमार को उसकी कॉपी दी गई। कुछ देर बाद उन्होंने एफआईआर पर आपत्ति जता दी। शुक्रवार को हरियाणा के मुख्य सचिव, गृह सचिव समेत कई आईएएस व आईपीएस अधिकारी अमनीत पी कुमार को मिले। दोपहर बाद हरियाणा के आईएएस डी.सुरेश के नेतृत्व में दलित प्रतिनिधियों का एक शिष्टमंडल चंडीगढ़ के डीजीपी सागरप्रीत हुड्डा को मिला। डी.सुरेश ने बताया कि उन्होंने चंडीगढ़ के डीजीपी से इस मामले की निष्पक्ष जांच करने तथा हरियाणा के डीजीपी शत्रुजीत कपूर व रोहतक के एसपी नरेंद्र बिजरानिया को गिरफ्तार करने की मांग की है।
चंडीगढ़ पुलिस ने पूरन कुमार के परिवार की बढ़ाई सुरक्षा, जांच को बनाई एसआईटी
चौथे दिन भी नहीं हुआ आईपीएस का पोस्टमार्टम
हरियाणा के डीजीपी व रोहतक के एसपी की गिरफ्तारी की मांग
डी.सुरेश की इस मुलाकात के कुछ समय बाद चंडीगढ़ पुलिस ने एक एसआईटी के गठन का ऐलान कर दिया। आईजी पुष्पेंद्र कुमार के नेतृत्व में गठित की गई एसआईटी में चंडीगढ़ की एसएसपी कंवरदीप कौर, एसपी सिटी केएम प्रियंका, चरनजीत सिंह विर्क डीएसपी ट्रैफिक, एसडीपीओ साउथ गुरजीत कौर तथा सेक्टर-11 के थाना प्रभारी इंस्पेक्टर जयवीर सिंह राणा को शामिल किया गया है। एसआईटी का गठन करने के साथ ही चंडीगढ़ पुलिस ने अमनीत पी कुमार की मांग को पूरा करते हुए उनके परिवार की सुरक्षा बढ़ा दी है। अमनीत पी कुमार के सेक्टर-24 आवास के बाहर अस्थाई चैक पोस्ट स्थापित कर दी है। इसके अलावा राइडर भी वहां तैनात रहेंगे। दूसरी तरफ हरियाणा पुलिस ने भी उनके आवास के बाहर अपने अतिरिक्त सुरक्षा कर्मी तैनात कर दिए हैं।
शाम के समय हरियाणा के कैबिनेट मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने भी अमनीत पी कुमार से मुलाकात की। पूरा दिन चली गहमा- गहमी के बावजूद शुक्रवार को भी वाई पूरन कुमार का न तो पोस्टमार्टम हुआ और न ही अंतिम संस्कार हो सका। इसे लेकर अभी सस्पेंस बनी हुई है।