चंडीगढ़, चल रहे पोषण माह उत्सव के अंतर्गत, सामाजिक कल्याण, महिला एवं बाल विकास विभाग, चंडीगढ़ प्रशासन के मार्गदर्शन में विभिन्न जागरूकता गतिविधियों का आयोजन किया गया। मनीमाजरा टाउन में डॉक्टर एवं एएनएम द्वारा एक विशेष व्याख्यान आयोजित किया गया, जिसमें माताओं और बच्चों के लिए स्वच्छता के महत्व तथा आयु-उपयुक्त आहार पर विस्तृत जानकारी दी गई। इस अवसर पर प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (PMMVY) से संबंधित एक विशेष अभियान भी चलाया गया, जिसके माध्यम से पात्र महिलाओं को योजना के लाभ प्राप्त करने और मातृ स्वास्थ्य एवं पोषण को बढ़ावा देने हेतु प्रेरित किया गया।
महिला एवं बाल विकास विभाग ने जागरुकता कार्यक्रम का किया आयोजन
साथ ही, पोषण माह जागरूकता अभियान के तहत कजहेड़ी सर्कल में आंगनवाड़ी बच्चों के लिए स्वस्थ एवं अस्वस्थ खाद्य पदार्थों पर एक जानकारीपूर्ण सत्र आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम डॉ. मीना के सहयोग से आयोजित किया गया, जिन्होंने बच्चों एवं आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को संतुलित आहार, स्वच्छता और सही खानपान की आदतों के महत्व के बारे में जागरूक किया।
मुख्य गतिविधियों के अतिरिक्त, छह माह की इस पहल के दौरान कई अन्य प्रभावशाली कार्यक्रम भी आयोजित किए गए। इनमें जन्म के पहले घंटे में स्तनपान की शुरुआत को प्रोत्साहित करना, गर्भवती महिलाओं के आहार में पोषक मिलेट्स (श्री अन्न) को शामिल करना, पाँच वर्ष से कम आयु के बच्चों की वृद्धि की नियमित निगरानी करना, तथा 3 से 6 वर्ष तक के बच्चों की पूर्व-प्राथमिक शिक्षा को सशक्त करना शामिल था। साथ ही, संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने हेतु गृह भ्रमण किए गए और गर्भवती महिलाओं को नियमित स्वास्थ्य जांच, सप्लीमेंट्स एवं एनीमिया की रोकथाम संबंधी परामर्श दिया गया।
इसके अतिरिक्त, बच्चों में मौखिक स्वच्छता, खाद्य सुदृढ़ीकरण (Food Fortification) तथा सूक्ष्म पोषक तत्वों की भूमिका पर सामुदायिक व्याख्यान आयोजित किए गए। अग्रिम पंक्ति के कार्यकर्ताओं द्वारा बच्चों में गंभीर तीव्र कुपोषण (SAM) की पहचान और प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया गया, ताकि समय पर संदर्भित कर उचित पोषण पुनर्वास सुनिश्चित किया जा सके। परिवारों को गृह भ्रमणों के माध्यम से घर पर उपलब्ध सामग्रियों से पौष्टिक पूरक आहार तैयार करने का प्रशिक्षण भी दिया गया। इन छह महीनों के सामुदायिक प्रयासों की सफल पूर्णता विभाग की मातृ एवं बाल स्वास्थ्य और पोषण स्थिति में निरंतर सुधार हेतु प्रतिबद्धता को दर्शाती है। इन समेकित प्रयासों का उद्देश्य जागरूकता बढ़ाना, व्यवहार में परिवर्तन लाना, और यह सुनिश्चित करना है कि चंडीगढ़ का प्रत्येक बच्चा स्वस्थ, शिक्षित और सशक्त होकर आगे बढ़े।