चंडीगढ़, पूरे देश में हर वर्ष अक्टूबर के प्रथम सप्ताह को वन्यजीव सप्ताह के रूप में मनाया जाता है, जिसका उद्देश्य जनसाधारण में वन्यजीव एवं उनके आवास के संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। इस वर्ष वन्यजीव सप्ताह का विषय है मनुष्य-प्राणी सहअस्तित्व।
चंडीगढ़: वन्यजीव सप्ताह 2025 का उत्सव, सुखना वाइल्डलाइफ सैंक्चुरी का उद्घाटन
वन एवं वन्यजीव विभाग, चण्डीगढ़ द्वारा 3 से 8 अक्टूबर तक विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है, ताकि नागरिकों को जागरूक किया जा सके तथा वन्यजीव, प्रकृति एवं प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण को बढ़ावा दिया जा सके।
इसी क्रम में विभाग द्वारा वार्षिक ट्रेकिंग कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसका शुभारंभ मन्दीप सिंह ब्रार, आईएएस, मुख्य सचिव, यूटी चंडीगढ़ द्वारा किया गया। इस अवसर पर सौरभ कुमार, आई.एफ.एस., मुख्य वन संरक्षक, अनुप कुमार सोनी, आई.एफ.एस., वन संरक्षक तथा नवनीत कुमार श्रीवास्तव, आई.एफ.एस., उप वन संरक्षक (मुख्यालय/वन्यजीव), यू.टी. चण्डीगढ़ भी उपस्थित रहे।
इस कार्यक्रम के साथ सुखना वाइल्डलाइफ़ सैंक्चुरी को नागरिकों के लिए पुनः खोल दिया गया, जो कि मानसून के दौरान 4 महीने तक बंद रहती है। ट्रेकिंग नपाली से प्रारम्भ होकर कांसल लॉग हट तक सम्पन्न हुई, जिसकी लंबाई लगभग 10 किलोमीटर थी और इसमें प्रतिभागियों ने तीन पहाड़ियों को पार किया, जो अधिकतम 1500 फीट ऊँचाई तक पहुँचती हैं। इस ट्रेक में लगभग 209 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया, जिनमें स्कूली छात्र, आमजन तथा वरिष्ठ नागरिक शामिल रहे।
कार्यक्रम के समापन पर कांसल लॉग हट में जागरूकता गतिविधियों का आयोजन किया गया, जिसमें पोस्टर बनाने की प्रतियोगिता एवं इंटर-स्कूल क्विज़ प्रतियोगिता सम्मिलित थीं। नागरिकों की माँग पर बटरफ्लाई पार्क, सेक्टर-26, चण्डीगढ़ का समय परिवर्तित किया गया है। अब यह सुबह 6:00 बजे से शाम 6:00 बजे तक (बीच में थोड़े विश्राम के साथ) खुला रहेगा। चंडीगढ़ प्रदूषण नियंत्रण समिति एवं क्रेस्ट ने भी नागरिकों को “प्लास्टिक का उपयोग न करें” अभियान एवं इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) के प्रचार-प्रसार के माध्यम से जागरूक किया।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि मन्दीप सिंह ब्रार, आई.ए.एस. ने विभाग के प्रयासों की सराहना की और कहा कि ऐसे आयोजन आमजन को वन्यजीव संरक्षण के प्रति संवेदनशील बनाते हैं। इस अवसर पर सौरभ कुमार, आईएफएस, मुख्य वन संरक्षक, यूटी चंडीगढ़ ने आगामी ट्रेकिंग कार्यक्रमों (5, 25 एवं 26 अक्टूबर 2025 – नपाली से कांसल लॉग हट तक) की जानकारी दी। साथ ही उन्होंने वन्यजीव सप्ताह के अन्य कार्यक्रमों – विद्यार्थियों के लिए शैक्षिक भ्रमण, विद्यालयों में व्याख्यानमाला, निबंध एवं स्लोगन लेखन प्रतियोगिता, पोस्टर बनाने तथा क्विज़ प्रतियोगिता के बारे में भी बताया। प्रतिभागियों की सुरक्षा हेतु वन विभाग के फील्ड स्टाफ तथा चिकित्सीय सुविधाएँ पूरे मार्ग पर उपलब्ध कराई गईं।