पंचकूला, मानवता की सेवा और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना को सशक्त करने के उद्देश्य से पंचकूला स्थित सेक्टर - 1 कॉलेज में मंगलवार को रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर का आयोजन कॉलेज की एनएसएस इकाई, यूथ रेडक्रॉस तथा एनसीसी विंग द्वारा संयुक्त रूप से किया गया।
सेक्टर- 1 कॉलेज में रक्तदान शिविर का आयोजन
40 विद्यार्थियों और शिक्षकों ने रक्तदान कर कमाया पुण्य
इस पुनीत अवसर पर हरियाणा के उच्चतर शिक्षा विभाग के महानिदेशक एस. नारायणन बतौर मुख्य अतिथि उपस्थित रहे। उन्होंने रक्तदान शिविर का शुभारंभ किया और विद्यार्थियों को रक्तदान करते हुए प्रोत्साहित किया। श्री नारायणन ने अपने संबोधन में कहा कि रक्तदान जीवनदान है। जब युवा पीढ़ी इस पवित्र कार्य के लिए आगे आती है, तो समाज में सकारात्मकता और मानवीय मूल्यों का संचार होता है। रक्तदान से न केवल दूसरों का जीवन बचता है, बल्कि यह दानदाता के जीवन में भी संतोष और ऊर्जा का संचार करता है।
प्राचार्य डॉ. शैलजा छाबड़ा ने कार्यक्रम की सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा, यह शिविर हमारे विद्यार्थियों के सामाजिक दायित्वबोध और मानवीय मूल्यों का परिचायक है। कॉलेज सदैव ऐसे आयोजनों के माध्यम से विद्यार्थियों को समाजसेवा और नैतिक मूल्यों की ओर प्रेरित करता रहेगा।
यूथ रेडक्रॉस प्रभारी डॉ. राकेश पाठक ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि रक्तदान कॉलेज के विद्यार्थियों के मानवीय मूल्यों और संवेदनाओं का सशक्त प्रमाण है।
एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी डॉ. अनिल कुमार पाण्डेय ने कहा कि रक्तदान कॉलेज की सामाजिक गतिविधियों का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है और एनएसएस स्वयंसेवकों की सक्रिय भागीदारी यह दर्शाती है कि वे केवल शैक्षणिक गतिविधियों में ही नहीं बल्कि समाज सेवा में भी अग्रणी भूमिका निभा रहे हैं। शिविर में एनसीसी प्रभारी डॉ. राम मेहर ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने विद्यार्थियों को रक्तदान के महत्व से अवगत कराया और उन्हें इस कार्य के लिए निरंतर प्रेरित किया।
जनसंपर्क टीम की संयोजक डॉ. चित्रा तंवर ने जानकारी दी कि यह शिविर रोटरी क्लब के सहयोग से आयोजित किया गया और इस शिविर में 40 यूनिट रक्त एकत्रित हुआ। इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि के रूप में यूथ रेड क्रॉस हरियाणा, चंडीगढ़ के स्टेट प्रोग्राम ऑफिसर रोहित शर्मा की भी उपस्थिति रही। शिविर में छात्र-छात्राओं समेत संकाय सदस्यों ने भी रक्तदान में भाग लिया। रक्तदाताओं ने इस कार्य को अपने लिए गर्व और संतोष का क्षण बताया।