चंडीगढ़, चंडीगढ़ प्रशासन ने आज सेक्टर-7 स्थित स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में सिविल डिफेंस वॉलंटियर्स की पहली पासिंग आउट परेड सफलतापूर्वक आयोजित की। इस ऐतिहासिक अवसर पर लगभग 400 प्रशिक्षित वॉलंटियर्स ने भाग लिया। इन वॉलंटियर्स को सेक्टर-26 स्थित एमजीएसआईपीए में कक्षा आधारित प्रशिक्षण दिया गया तथा चंडीमंदिर कैंटोनमेंट में आर्मी अफसरों और चंडीगढ़ पुलिस अधिकारियों के मार्गदर्शन में फील्ड प्रशिक्षण प्रदान किया गया।
चंडीगढ़ प्रशासन ने सिविल डिफेंस वॉलंटियर्स की पहली पासिंग आउट परेड सफलतापूर्वक आयोजित की
इस अवसर पर उपस्थित गणमान्य व्यक्तियों में मनीप सिंह ब्रार, आईएएस, गृह सचिव, यूटी चंडीगढ़; निशांत कुमार यादव, आईएएस, उपायुक्त सह-कंट्रोलर सिविल डिफेंस; प्रदीप कुमार, आईएएस, विशेष आयुक्त, नगर निगम चंडीगढ़; कन्वदीप कौर, आईपीएस, एसएसपी, यूटी चंडीगढ़; श्री अमनदीप सिंह भट्टी, पीसीएस, अतिरिक्त उपायुक्त; ईशा कंबोज, एचसीएस, एसडीएम साउथ; खुशप्रीत कौर, डैनिक्स, एसडीएम ईस्ट तथा चंडीगढ़ प्रशासन के अन्य अधिकारीगण शामिल थे।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में चंडीगढ़ के मुख्य सचिव राजीव वर्मा, आईएएस ने परेड का निरीक्षण किया। उन्होंने वॉलंटियर्स के अनुशासन की सराहना करते हुए उन्हें समाज सेवा के प्रति निरंतर समर्पित रहने का आह्वान किया। मुख्य सचिव ने अपने संबोधन में कहा, “आज जो अनुशासन और समन्वय हम सबने देखा है, वह केवल प्रशिक्षण का परिणाम नहीं है, बल्कि आपके समाज और राष्ट्र सेवा के प्रति समर्पण का प्रतीक है। सिविल डिफेंस केवल एक संस्था नहीं, बल्कि एक भावना, एक पवित्र जिम्मेदारी और वह संकल्प है कि जब भी मातृभूमि पुकारेगी, हम सबसे पहले आगे बढ़ेंगे।”
मुख्य सचिव ने आगे कहा कि इस पहल ने चंडीगढ़ की आपदा प्रबंधन क्षमता को और अधिक सशक्त किया है और यह स्वयंसेवा की भावना को दर्शाता है। उन्होंने कहा, “आपको युद्ध लड़ने के लिए नहीं, बल्कि जीवन बचाने के लिए प्रशिक्षित किया गया है – फिर भी आप किसी सैनिक से कम नहीं हैं।” इस अवसर पर बोलते हुए निशांत कुमार यादव, आईएएस, उपायुक्त सह-कंट्रोलर सिविल डिफेंस ने कहा कि देश में पहली बार इस प्रकार की पहल की गई है, जिसमें सिविल डिफेंस वॉलंटियर्स को संगठित ढंग से जोड़ा गया है। उन्होंने चंडीगढ़ के निवासियों के उत्साह और स्वेच्छा से वॉलंटियर बनने की सराहना भी की।
अब ये प्रशिक्षित वॉलंटियर्स आपदा की स्थिति में नागरिक प्रशासन का सहयोग करने के लिए तैयार हैं, जो चंडीगढ़ की सक्रिय सिविल डिफेंस व्यवस्था और सामुदायिक सुरक्षा के प्रति मजबूत प्रतिबद्धता को दर्शाता है। यह अभिनव पहल एक मील का पत्थर साबित हुई है, जो चंडीगढ़ प्रशासन के सशक्त और सक्षम समुदाय निर्माण के प्रयासों को नई दिशा प्रदान करती है।