पंचकूला। पंचकूला पुलिस की एंटी एमिग्रेशन फ्रॉड यूनिट ने विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर लोगों से लाखों रुपये ठगने वाले गिरोह पर बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस कमिश्नर शिवास कविराज के मार्गदर्शन और डीसीपी सृष्टि गुप्ता के नेतृत्व में कार्यरत टीम ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर तीन दिन के पुलिस रिमांड पर लिया है।
पंचकूला: इंग्लैंड वर्क वीजा के नाम पर 10 लाख की ठगी
डीसीपी सृष्टि गुप्ता ने जानकारी देते हुए बताया कि पंचकूला निवासी एक शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि उसे इंग्लैंड में वर्क वीजा दिलाने का झांसा देकर 10 लाख रुपये की ठगी की गई। इस शिकायत पर थाना रायपुररानी में 20 अगस्त 2025 को भारतीय न्याय संहिता की धारा 420, 120-बी तथा एमिग्रेशन एक्ट की धारा 24 के तहत मामला दर्ज किया गया था। जांच की जिम्मेदारी एंटी एमिग्रेशन फ्रॉड यूनिट इंचार्ज योगविन्द्र सिंह और जांच अधिकारी गुरबचन सिंह को सौंपी गई। टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपियों सतपाल सिंह पुत्र हरिसिंह निवासी जिला कैथल और कृष्ण कुमार पुत्र बीरु राम निवासी कैथल को 24 सितंबर को गिरफ्तार कर लिया। दोनों को आज अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें 3 दिन के पुलिस रिमांड पर भेजा गया है।
डीसीपी सृष्टि गुप्ता ने कहा "पुलिस आमजन से अपील करती है कि विदेश में नौकरी या वीजा दिलाने का दावा करने वाले किसी भी फर्जी एजेंट या संस्था के झांसे में न आएं। हमेशा केवल लाइसेंस प्राप्त और अधिकृत एजेंसियों से ही संपर्क करें। ऐसे मामलों में ठगी करने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। हमारा उद्देश्य नागरिकों को सुरक्षित रखना और उनके मेहनत की कमाई को ठगों से बचाना है। उन्होंने यह भी बताया कि रिमांड अवधि में पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर ठगी गई रकम की बरामदगी और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों तक पहुंचने का प्रयास करेगी।