पंचकूला, पुलिस कमिश्नर शिवास कविराज के मार्गदर्शन व डीसीपी क्राइम मनप्रीत सिंह सूदन की अगुवाई में क्राइम ब्रांच 19 की टीम को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने 5000 रुपये के ईनामी बदमाश को गिरफ्तार कर लिया है। एसीपी क्राइम अरविंद कंबोज ने प्रेस वार्ता के दौरान जानकारी देते हुए बताया कि क्राइम ब्रांच-19 की टीम ने सब-इंस्पेक्टर प्रीतम की अगुवाई में एएसआई धनीराम और टीम के अन्य सदस्यों की मदद से 20 सितंबर को लक्कड़ मंडी, यमुनानगर से फरार चल रहे आरोपी को दबोच लिया। आरोपी की पहचान फरमान पुत्र अब्दुल साकिल निवासी पुराना हमीदा, जिला यमुनानगर उम्र 27 साल के रूप में हुई है। आरोपी के खिलाफ थाना रायपुर रानी में भारतीय न्याय संहिता की धारा 182, 211, 120-B, 201 तथा आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज है। इसके अलावा आरोपी पर पहले से ही आर्म्स एक्ट के पांच मामले और हत्या के आरोपी को पनाह देने जैसे गंभीर अपराधों में यमुनानगर व पंचकूला में मुकदमे दर्ज हैं।
हथियार तस्करी व अन्य मामलो में पांच हजार का ईनामी बदमाश गिरफ्तार
एसीपी ने बताया कि आरोपी को कोर्ट में पेश कर 4 दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है। रिमांड अवधि के दौरान पुलिस उससे पूछताछ कर रही है और अन्य आरोपियों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। इनका किसी गैंग से ताल्लुक नही है। डीसीपी क्राइम ने बताया कि यह मामला दिसंबर 2022 में शुरू हुआ था, जब पंचकूला के व्यापारी विनय गुप्ता ने पुलिस को शिकायत दी थी कि उसकी फॉर्च्यूनर गाड़ी पर फायरिंग की गई है। जांच के दौरान पुलिस ने सबसे पहले यमुनानगर निवासी बसंत, हाल पंचकूला और अंबाला निवासी जसबीर को गिरफ्तार किया था। उनकी निशानदेही पर पुलिस ने एक पिस्टल व 6 जिंदा कारतूस भी बरामद किए थे। आगे की कार्रवाई में इनके सप्लायर इन्द्रजीत, शंटी और साहिल अल्वी, तीनों निवासी यमुनानगर को भी गिरफ्तार किया गया था।
जांच के दौरान पुलिस के सामने यह खुलासा हुआ था कि फायरिंग की साजिश खुद व्यापारी विनय गुप्ता ने ही रची थी। उसने आर्म्स लाइसेंस प्राप्त करने के लिए बसंत व जसबीर से अपनी कार पर गोली चलवाई थी। बाद में पुलिस ने विनय गुप्ता को भी झूठी शिकायत देकर पुलिस को गुमराह करने और अपराध की साजिश रचने के आरोप में गिरफ्तार किया था। डीसीपी क्राइम ने बताया कि इस पूरे मामले में अब तक 6 आरोपी पहले ही गिरफ्तार किए जा चुके हैं और फरमान सातवां आरोपी है, जो काफी समय से पुलिस की गिरफ्त से बाहर था। उसकी गिरफ्तारी से इस मामले की जांच को और मजबूती मिलेगी और अन्य संबंधित आरोपियों व नेटवर्क का भी खुलासा होने की उम्मीद है।