चंडीगढ़। अल राबिक फ़ाउंडेशन समाजसेवा और महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में लगातार नई पहल कर रहा है। संस्था द्वारा संचालित सिलाई प्रशिक्षण केंद्रों में महिलाएँ बड़ी संख्या में जुड़ रही हैं और आत्मनिर्भरता की ओर कदम बढ़ा रही हैं।
फ़ाउंडेशन का सपना है कि हर महिला अपने हुनर के बल पर मज़बूती से खड़ी हो, ताकि उसे किसी के सामने हाथ न फैलाना पड़े। संस्था का मानना है कि यदि महिलाएँ मज़बूत होंगी तो उनका परिवार और बच्चे भी आगे बढ़ पाएँगे। केवल महिलाओं के लिए ही नहीं, बल्कि बच्चों के लिए भी संस्था विशेष प्रयास कर रही है। ज़रूरतमंद बच्चों को अंग्रेज़ी बोलचाल और पर्सनैलिटी डेवलपमेंट की निःशुल्क ट्रेनिंग दी जा रही है, ताकि वे आत्मविश्वासी बनकर भविष्य की चुनौतियों का सामना कर सकें। समय-समय पर फ़ाउंडेशन द्वारा गरीब और असहाय परिवारों की सहायता भी की जाती है।
महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में अल राबिक फ़ाउंडेशन का सराहनीय प्रयास
संस्था की अध्यक्षा राबिया मलिक, जो आईटीआई में स्टेनोग्राफी इंस्ट्रक्टर हैं, ने कहा कि “हमारा उद्देश्य सिर्फ़ महिलाओं को प्रशिक्षण देना नहीं है, बल्कि उन्हें ऐसा आत्मविश्वास देना है जिससे वे अपने परिवार और समाज की मज़बूती का आधार बन सकें।” अल राबिक फ़ाउंडेशन वर्तमान में पंजाब बाढ़ राहत कार्यों में भी सक्रिय है। बहुत जल्द फ़ाउंडेशन की टीम प्रभावित क्षेत्रों में पहुँचकर राहत सामग्री वितरित करेगी और लोगों की मदद करेगी। साथ ही संस्था समाज को यह संदेश दे रही है कि कठिन समय में एक-दूसरे का सहारा बनना ही सबसे बड़ी मानव सेवा है।