पंचकूला। जिला अदालत ने जून 2021 में एक रेलवे कर्मचारी की हत्या के मामले में दो लोगों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। सत्र न्यायाधीश वेद प्रकाश सिरोही ने उत्तराखंड के चम्पावत जिले के रहने वाले प्रकाश सिंह बिष्ट (30) और हरियाणा के जींद जिले के रोहित उर्फ भूमरा (25) को यह सजा सुनाई है।
रेलवे पुलिस (GRP), चंडीगढ़ ने 16 जून, 2021 को भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 302 और 34 के तहत मामला दर्ज किया था। अदालत ने दोनों दोषियों को आजीवन कठोर कारावास की सजा सुनाई और प्रत्येक पर 25,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया है। अदालत के आदेश के अनुसार, जुर्माने की 50% राशि मृतक के पिता और शिकायतकर्ता दयाल चंद को दी जाएगी।
मृतक की पहचान राजस्थान के सीकर जिले के रहने वाले संदीप के रूप में हुई थी। संदीप को रेलवे में अंबाला कैंट से चंडीगढ़ स्थानांतरित किया गया था और वह अपने बेटे के लिए किराए का घर ढूंढने के लिए दड़िया गांव आए थे। 15 जून की रात खाना खाने के बाद वह टहलने निकले, लेकिन वापस नहीं लौटे। अगले दिन, उनके पिता को दड़िया गांव में एक शराब की दुकान के सामने उनका शव मिला। संदीप के सिर और चेहरे पर चोट के निशान थे।
जांच के दौरान पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और फोरेंसिक सबूतों के आधार पर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया। सीसीटीवी फुटेज में संदीप को आखिरी बार दोनों आरोपियों के साथ देखा गया था। फोरेंसिक रिपोर्ट में उनके कपड़ों और अपराध में इस्तेमाल की गई 'गंडासी' और डंडे पर मानव रक्त पाया गया था। अदालत ने इन सबूतों को निर्णायक मानते हुए दोषियों को सजा सुनाई।