चंडीगढ़। वास्तु कला के लिए प्रसिद्ध चंडीगढ़ शहर में वर्तमान समय की मांग सोलर को बढ़ावा दिया जाना है। अब सिटी ब्यूटीफुल में सोलर क्रांति की आवश्यकता है। इस क्षेत्र में पीएम सूर्य घर जैसी योजनाएं अहम भूमिका निभा सकती हैं। अगले एक साल में इस योजना के तहत चंडीगढ़ के 30,000 घरों में सोलर संचालित बिजली आपूर्ति देने का लक्ष्य तय किया गया है। उक्त विचार पीएचडी चैंबर ऑफ़ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री द्वारा आयोजित की जा रही 11वीं इंस- आउट प्रदर्शनी के दौरान आज चंडीगढ़ पावर डिस्ट्रीब्यूशन लिमिटेड के निदेशक इंजीनियर अरुण वर्मा ने यहां आयोजित सेमिनार के दौरान व्यक्त किये। उन्होंने कहा कि सीपीडीएल द्वारा तैनात सौर मित्रों की टीम घर-घर जाकर लोगों को पीएम सूर्य घर योजना के बारे में जागरूक कर रही है और पंजीकरण कर रही है।
इस अवसर पर यूटी प्रशासन के उद्योग विभाग द्वारा शुरू की गई रेसिंग एंड एक्लेरेटिंग एमएसएमई परफॉर्मेंस (रैंप) योजना के अंतर्गत बेनिफिट ऑफ लीन मैन्युफैक्चरिंग, ऑप्टिमिसिंग ऑपरेशन एंड सप्लाई चैन मैनेजमेंट पर बोलते हुए नेशनल प्रोडक्टिविटी काउंसिल (एनपीसी) के क्षेत्रीय निदेशक अशोक कुमार ने लीन मैन्युफैक्चरिंग के व्यावहारिक उपकरणों पर विस्तार से चर्चा करते हुए लागत ग्राहक संतुष्टि को बढ़ाने पर विचार व्यक्त किये।
उन्होंने कहा कि एमएसएमई रैंप योजना का लाभ उठाकर स्थाई रूप से आगे बढ़ सकते हैं और वैश्विक मूल्यों पर अपने उत्पादों का प्रदर्शन कर सकते हैं।
इस अवसर पर आए हुए प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए पीएचडीसीसीआई चंडीगढ़ चैप्टर के को चेयर सुव्रत खन्ना ने कहा कि इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य उद्योगपतियों तथा शहर वासियों को उद्योग विभाग के माध्यम से चलाई जा रही योजनाओं के बारे में जानकारी प्रदान करना है। सत्र का संचालन पीएचडीसीसीआई रिन्यूएबल एनर्जी कमेटी के संयोजक पर्व अरोड़ा ने किया।