स्वच्छ वायु सर्वेक्षण 2025 में चंडीगढ़ 8वें स्थान पर पहुँचा
नगर निगम चंडीगढ़, ट्रैफिक पुलिस, परिवहन विभाग, राज्य परिवहन विभाग और चंडीगढ़ प्रदूषण नियंत्रण समिति (CPCC) के सामूहिक प्रयासों ने इस उपलब्धि में महत्वपूर्ण योगदान दिया है, जिनमें निम्नलिखित कदम शामिल हैं:
1. शहरी वानिकी और वृक्षारोपण अभियानों के माध्यम से हरित आवरण का विस्तार।
2. निर्माण स्थलों पर धूल नियंत्रण उपायों का कड़ाई से पालन।
3. सार्वजनिक परिवहन में ई-मोबिलिटी की शुरुआत और इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग ढाँचे का विस्तार।
4. पुराने (लेगेसी) कचरे का वैज्ञानिक निस्तारण।
5. विस्तारित गैर-यंत्रीकृत परिवहन नेटवर्क का विकास।
6. निर्माण एवं ध्वस्तीकरण (C&D) कचरे का उचित प्रबंधन।
7. जाम और वाहन उत्सर्जन को कम करने के लिए इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ITMS) का कार्यान्वयन।
8. सड़क धूल नियंत्रण हेतु स्वचालित सफाई और पानी का छिड़काव।
9. सामुदायिक जागरूकता अभियान, जो व्यवहारिक बदलाव और नागरिक भागीदारी को बढ़ावा देते हैं।
निदेशक पर्यावरण सह सदस्य सचिव, CPCC, श्री सौरभ कुमार ने कहा: “यह उपलब्धि चंडीगढ़ की अपने निवासियों के लिए स्वच्छ वायु सुनिश्चित करने की मजबूत प्रतिबद्धता को दर्शाती है। नीति-निर्माताओं से लेकर नागरिकों तक, सभी के सामूहिक प्रयासों ने इसे संभव बनाया है और हम एक स्वस्थ और हरित शहर की दिशा में कार्य करते रहेंगे।”
स्वच्छ वायु सर्वेक्षण शहरों का मूल्यांकन आठ प्रमुख मानकों पर करता है: नगरपालिका ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, सड़क धूल नियंत्रण, निर्माण एवं ध्वस्तीकरण अपशिष्ट प्रबंधन, वाहन उत्सर्जन नियंत्रण, औद्योगिक उत्सर्जन पर कड़ी निगरानी, अन्य उत्सर्जनों पर नियंत्रण, जन-जागरूकता अभियान, तथा कणीय पदार्थ (Particulate Matter) सुधार की प्रवृत्ति। इस उपलब्धि के साथ, चंडीगढ़ ने स्वयं को भारत के अग्रणी स्वच्छ और हरित शहरों में और अधिक मज़बूत बनाया है तथा अन्य शहरी क्षेत्रों के लिए NCAP ढाँचे के अंतर्गत एक नया मानक स्थापित किया है।