पंचकूला। सरकारी स्नातकोत्तर महाविद्यालय, सेक्टर-1, पंचकूला में आयोजित दो दिवसीय प्रतिभा खोज प्रतियोगिता के दूसरे दिन विद्यार्थियों ने अपनी बहुमुखी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया। इस सांस्कृतिक आयोजन में कुल 120 विद्यार्थियों ने कला, वाणिज्य, विज्ञान एवं कंप्यूटर साइंस (स्नातक व स्नातकोत्तर) सभी संकायों से उत्साहपूर्वक भाग लिया। मुख्य अतिथि के रूप में मीनाक्षी सिंह, संयुक्त निदेशक, उच्च शिक्षा विभाग, हरियाणा ने समारोह की शोभा बढ़ाई। उन्होंने अपने संदेश में कहा कि यह महाविद्यालय प्रदेश का सर्वाधिक प्रतिष्ठित संस्थान बन चुका है, जिसका श्रेय प्राचार्य, शिक्षकों एवं गैर-शिक्षण कर्मचारियों की निष्ठा, परिश्रम और उत्कृष्ट कार्यशैली को जाता है। उन्होंने विद्यार्थियों को निरंतर परिश्रम व आत्मविश्वास के साथ अपने सपनों को पूरा करने के लिए प्रेरित किया।
प्रतिभा खोज के दूसरे दिन छात्रों ने बिखेरी कला की अनूठी छटा
महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. शैलजा छाबड़ा ने कहा कि पाठ्यक्रम के साथ-साथ सह-पाठ्यक्रम गतिविधियाँ भी विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए अत्यंत आवश्यक हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को श्रेष्ठ शिक्षण एवं सह-पाठ्यक्रम वातावरण प्रदान करने का आश्वासन दिया और आयोजन समिति, निर्णायकों, प्रतिभागियों एवं विजेताओं को इस भव्य आयोजन की सफलता के लिए बधाई दी। प्रतियोगिताओं में विद्यार्थियों ने अत्यंत उत्साह के साथ भाग लिया। प्रश्नोत्तरी में विष्णु चौधरी ने प्रथम, सौरव ने द्वितीय तथा देवांश ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।
गायन प्रतियोगिता में प्रभा ने प्रथम, अजीत ने द्वितीय और मुक्ती ने तृतीय स्थान हासिल किया। नृत्य प्रतियोगिता में देवेंद्र प्रथम, मनीषा शर्मा द्वितीय और इशिता व विकास संयुक्त रूप से तृतीय रहे। मिमिक्री में सुखचैन सिंह प्रथम, चंदन द्वितीय तथा नमन तृतीय स्थान पर रहे। भाषण प्रतियोगिता में प्रियांशु मेहता ने प्रथम, जयप्रकाश ने द्वितीय और बिंदु ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। काव्य संगोष्ठी में मानसी प्रथम, जयप्रकाश द्वितीय तथा नेहा गौतम तृतीय रहीं। चित्रकला प्रतियोगिता में रोशन कुमार ने प्रथम, पल्लवी ने द्वितीय और शुएब खान ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। वाद्य यंत्र वादन में सुमित ने प्रथम, ईशांत व करण ने द्वितीय तथा मुक्ती व चिराग ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।
प्रतियोगिताओं के सफल संचालन के लिए अनुभवी निर्णायकों की भूमिका महत्वपूर्ण रही। वाद्य वादन के लिए डॉ. पुनम रानी, ज्योति (पूर्व छात्रा, एलुमनाई मेंटर) और शुभम (एलुमनाई मेंटर) निर्णायक रहे। नृत्य प्रतियोगिता का मूल्यांकन डॉ. सीमा वर्मा, डॉ. अनुदीप और रूबी ने किया। चित्रकला में डॉ. अनीता हुड्डा, डॉ. प्रेमलता और वंदिता निर्णायक रहे। भाषण प्रतियोगिता का मूल्यांकन रूबी, कुसुम और सतबीर ने किया। काव्य संगोष्ठी का निर्णय रूबी, डॉ. हरप्रीत कौर बावेजा और सतबीर ने किया। क्विज़ के निर्णायक दीपक (लोक प्रशासन), धर्मेन्दर (राजनीति विज्ञान) और डॉ. प्रमोद (मनोविज्ञान) रहे। मिमिक्री का निर्णय डॉ. जितेन्द्र, डॉ. हरप्रीत कौर बावेजा और श्रीमती अंजु जिंदल ने किया। इस भव्य आयोजन का संचालन संयोजक डॉ. जितेन्द्र, सह-संयोजक डॉ. हरप्रीत कौर बावेजा तथा स्टेज सचिव डॉ. अनिल कुमार पाण्डेय ने कुशलतापूर्वक किया।